सेवानिवृत्त कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश धर्मचंद चौधरी ने जिलों के पुनर्गठन के लिए बनाए आयोग का कार्यभार संभाला
शिमला, 17 अक्टूबर (हि.स.)। हिमाचल हाईकोर्ट से सेवानिवृत्त कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश धर्मचंद चौधरी ने शनिवार को प्रदेश में जिलों के पुनर्गठन के लिए बनाए गए आयोग के चेयरमैन के रूप में अपना कार्यभार संभाल लिया। राज्य सरकार द्वारा जारी की गई अधिसूचना के अनुरूप उन्होंने सचिवालय में कार्यभार संभाला। इस आयोग का मुख्यालय शिमला में होगा। इनके अलावा प्रदेश के अतिरिक्त महाधिवक्ता विशाल पंवार और सेवानिवृत्त आई.एफ.एस. अधिकारी राजेश शर्मा को सदस्य बनाया गया है, जबकि निदेशक भू-अभिलेख सदस्य सचिव होंगे।
धर्म चंद चौधरी इससे पूर्व शस्त्र बल न्यायाधिकरण (ए.एफ.टी.) में न्यायिक सदस्य के रूप में कार्य चुके हैं। हाईकोर्ट से सेवनिवृत्ति के पश्चात वह ए.एफ.टी. के विभिन्न बैंच में काम कर चुके हैं।
उन्होंने चंडीगढ़ के अलावा कोलकाता में भी अपने सेवाएं दी हैं। चंडीगढ़ की क्षेत्रीय पीठ के लिए न्यायिक सदस्य के रूप में तैनात किया गया था। न्यायमूर्ति चौधरी मंडी जिला के लोहारा गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला से कानून में डिग्री प्राप्त करने के पश्चात वर्ष 1983 में एक वकील के रूप में लाइसैंस प्राप्त किया। उच्च न्यायालय में उन्होंने वकालत शुरू करने के पश्चात सिविल, आपराधिक, संवैधानिक, श्रम, कंपनी और सेवा सम्बन्धी मामलों में महारथ हासिल की। इसके बाद 1 अगस्त 1995 को उन्हें अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया।
उन्हें 21 जनवरी, 2012 को हिमाचल प्रदेश के उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया और उसके बाद उच्च न्यायालय के स्थायी न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया। 18 जनवरी, 2014 को हिमाचल प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में भी बने रहे। इसके अलावा दो बार प्रदेश उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में भी रहे। वह 12 मार्च 2020 को हिमाचल प्रदेश के उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के पद से सेवानिवृत्त हुए थे।
बता दें कि राज्य सरकार ने बीते 14 अक्टूबर को राज्य में प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन के लिए आयोग बनाने की अधिसूचना जारी की है। इसका मकसद राज्य में नए जिलों का गठन करना है।
आयोग जिलों, उपमंडलों, तहसीलों, उपतहसीलों, विकास खंडों और विभिन्न विभागों के अन्य प्रशासनिक कार्यालयों की मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा करेगा। इसमें नई प्रशासनिक इकाइयां बनाने, मौजूदा इकाइयों का विलय करने, उनके विभाजन और पुनर्गठन की जरूरत का आकलन किया जाएगा। इसका उद्देश्य आम लोगों की सुविधा बढ़ाना और प्रशासनिक कामकाज को अधिक प्रभावी बनाना है।
अधिसूचना के अनुसार हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति धर्म चंद चौधरी (सेवानिवृत्त) आयोग के अध्यक्ष होंगे। अधिवक्ता विशाल पंवार और भारतीय वन सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी राजेश शर्मा को सदस्य बनाया गया है। भूमि अभिलेख विभाग के निदेशक आयोग के सदस्य सचिव होंगे।
आयोग राज्य में मौजूदा प्रशासनिक ढांचे की समीक्षा करने के साथ यह भी आकलन करेगा कि किन क्षेत्रों में नई प्रशासनिक इकाइयों की जरूरत है और कहां मौजूदा इकाइयों का विलय, विभाजन या पुनर्गठन किया जा सकता है। इस काम में आबादी, भौगोलिक परिस्थितियों, आवागमन की सुविधा, प्रशासनिक दक्षता और आम जनता की जरूरतों को आधार बनाया जाएगा।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

