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हिमाचल प्रदेश में मानसून सीजन में अब तक 152 मौतें, 835 करोड़ रुपये का नुकसान

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हिमाचल प्रदेश में मानसून सीजन में अब तक 152 मौतें, 835 करोड़ रुपये का नुकसान


शिमला, 09 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में इस साल मानसून के दौरान बारिश, भूस्खलन, बाढ़ और अन्य वर्षा जनित हादसों ने अब तक 152 लोगों की जान ले ली है। राज्य में मानसून 30 जून को दाखिल हुआ था और 8 अगस्त तक के राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के आंकड़ों के अनुसार इस दौरान सरकारी और निजी संपत्ति को करीब 835 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। मानसून की सक्रियता अभी बनी हुई है और प्रदेश में सितंबर के अंत तक इसके सक्रिय रहने की संभावना रहती है।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार मानसून के दौरान हुई 152 मौतों में सबसे अधिक 86 लोगों की जान सड़क हादसों में गई है। भूस्खलन की चपेट में आने से 14 लोगों की मौत हुई। फ्लैश फ्लड यानी अचानक आई बाढ़ से एक व्यक्ति की जान गई, जबकि बहने से चार लोगों की मौत हुई। बिजली का करंट लगने से छह लोगों की मौत हुई है। पहाड़ी से फिसलने और पेड़ से गिरने जैसे अन्य वर्षा जनित हादसों में 22 लोगों की मौत दर्ज की गई है।

जिलावार आंकड़ों पर नजर डालें तो चंबा में सबसे ज्यादा 23 लोगों की मौत हुई है। कांगड़ा में 21, कुल्लू में 20, लाहौल-स्पीति और शिमला में 18-18, सिरमौर में 15, सोलन और ऊना में नौ-नौ, मंडी में सात, किन्नौर में पांच, बिलासपुर में चार और हमीरपुर में तीन लोगों की मौत हुई है। इन हादसों में अब तक 240 लोग घायल हुए हैं, जबकि दो लोग लापता हैं।

बारिश और इससे जुड़े हादसों ने बड़ी संख्या में घरों और दूसरी संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचाया है। राज्य में 63 कच्चे-पक्के मकान पूरी तरह ध्वस्त हुए हैं, जबकि 248 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा 12 दुकानें और 210 पशुशालाएं भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं। इस अवधि में 197 पशुओं की भी मौत हुई है।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के आंकड़ों के अनुसार मानसून के दौरान प्रदेश में चल और अचल संपत्ति को कुल करीब 835 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इसमें सबसे बड़ा नुकसान लोक निर्माण विभाग को हुआ है। विभाग की सड़कों और दूसरी संपत्तियों को करीब 615 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया गया है। जल शक्ति विभाग को करीब 199 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

मानसून के दौरान लगातार हो रही बारिश से प्रदेश के कई हिस्सों में भूस्खलन, अचानक बाढ़ और सड़कें बाधित होने की घटनाएं सामने आती रही हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के दौरान सड़कें बंद होने के साथ घरों और दूसरी इमारतों को भी नुकसान पहुंचा है। कई जगह लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित हुई है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। ऐसे में भूस्खलन और अचानक बाढ़ वाले क्षेत्रों में लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। हिमाचल में मानसून का मौसम सामान्य तौर पर सितंबर के अंत तक सक्रिय रहता है। इस वजह से आने वाले हफ्तों में भी बारिश से जुड़े हादसों और नुकसान का खतरा बना रह सकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा