प्राथमिक शिक्षकों का निलंबन, विभागीय जांच और एफआईआर वापस होंगी, कॉम्प्लेक्स प्रणाली पर फैसला जल्द : मुख्यमंत्री सुक्खू
शिमला, 26 जुलाई (हि.स.)। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्राथमिक शिक्षकों को आश्वस्त किया है कि राज्य सरकार शिक्षक दिवस से पहले नई कॉम्प्लेक्स प्रणाली पर उचित निर्णय लेगी। उन्होंने कहा कि सरकार इस व्यवस्था की सहानुभूतिपूर्वक समीक्षा करेगी और यह तय करेगी कि इसमें सुधार की आवश्यकता है या इसे पूरी तरह वापस लिया जाए। मुख्यमंत्री रविवार को शिमला के चौड़ा मैदान में आयोजित प्राथमिक शिक्षक संघ की आम सभा को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और प्राथमिक शिक्षक संघ के बीच होने वाली आगामी बैठक में इस विषय पर निष्पक्ष और सहानुभूतिपूर्ण निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि प्राथमिक शिक्षकों के विरुद्ध की गई निलंबन की कार्रवाइयों, विभागीय जांच और दर्ज एफआईआर वापस ली जाएंगी। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्य अध्यापकों, केंद्र मुख्य अध्यापकों और खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारियों के अधिकारों में कोई कमी नहीं की जाएगी। साथ ही प्राथमिक विद्यालयों में खेल गतिविधियां फिर से शुरू की जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने जेबीटी शिक्षकों को टीजीटी पदों पर पदोन्नति देने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्राथमिक शिक्षक संघ की विभिन्न मांगों पर शनिवार को सचिवालय में संघ के प्रतिनिधियों के साथ विस्तार से चर्चा की गई है। उन्होंने शिक्षकों को भरोसा दिलाया कि उनके हित पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार लागू कर रही है और शिक्षकों के सहयोग से प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों को बेहतर बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राथमिक स्तर पर अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई पहले ही शुरू की जा चुकी है और इस दिशा में प्राथमिक शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने बताया कि सीबीएसई विद्यालयों में प्रधानाचार्यों की नियुक्ति लगभग पूरी हो चुकी है और शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया भी जारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने मंत्रिमंडल की पहली बैठक में 1.36 लाख कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल करने का निर्णय लिया था। उन्होंने कहा कि यह फैसला कर्मचारियों के सम्मान और सामाजिक सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया। उन्होंने कहा कि नई पेंशन योजना के तहत कई कर्मचारियों को लगभग तीन हजार रुपये मासिक पेंशन मिल रही थी, जबकि पुरानी पेंशन योजना लागू होने के बाद अनेक सेवानिवृत्त कर्मचारियों को लगभग 30 हजार रुपये मासिक पेंशन मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश के अधिकारों और संसाधनों की रक्षा के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर प्रदेश के हितों की रक्षा नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान बंद होने से राज्य को आर्थिक नुकसान हुआ और वर्तमान सरकार को लगभग 10 हजार करोड़ रुपये की देनदारियां मिलीं। उन्होंने प्रदेश के हितों की रक्षा के लिए सभी लोगों से एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

