मानसून सत्र से पहले हिमाचल में मंत्रिमंडल विस्तार के आसार, मुख्य सचेतक और विस उपाध्यक्ष पदों पर भी होगी तैनाती
शिमला, 14 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में 21 अगस्त से शुरू होने जा रहे विधानसभा के मानसून सत्र से पहले मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक हलकों में यह माना जा रहा है कि सरकार जल्द ही मंत्रिमंडल में रिक्त पड़े एक पद को भरने के साथ-साथ विधानसभा के मुख्य सचेतक और उपाध्यक्ष के पदों पर भी नियुक्तियां कर सकती है। हालांकि सरकार या कांग्रेस संगठन की ओर से अभी तक कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हाल ही में नई दिल्ली में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव के.सी. वेणुगोपाल से मुलाकात कर विभिन्न राजनीतिक और संगठनात्मक विषयों पर चर्चा की। इस बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार भी मौजूद थे। बैठक में मंत्रिमंडल विस्तार और संगठन से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।
राज्य मंत्रिमंडल में एक पद लंबे समय से रिक्त है। ऐसे में इस पद को भरने की संभावना जताई जा रही है। कुल्लू सदर से कांग्रेस विधायक सुंदर सिंह ठाकुर का नाम मंत्री पद के लिए सबसे प्रमुख दावेदार माना जा रहा है। मुख्यमंत्री सुक्खू पहले भी सार्वजनिक रूप से यह कह चुके हैं कि सुंदर सिंह ठाकुर मंत्री के रूप में शपथ लेंगे। यदि ऐसा होता है तो कुल्लू जिले को मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व मिल जाएगा, क्योंकि वर्तमान में जिले से कोई मंत्री नहीं है।
इसके अलावा सबसे बड़े कांगड़ा जिला से कांग्रेस विधायक संजय रत्न और आशीष बुटेल के नाम भी राजनीतिक चर्चाओं में हैं। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि इन नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह मिलेगी या फिर उन्हें विधानसभा के मुख्य सचेतक अथवा उपाध्यक्ष जैसे पदों की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
आशीष बुटेल का नाम हाल के दिनों में विशेष रूप से चर्चा में रहा है। इसके पीछे पालमपुर नगर निगम चुनाव में कांग्रेस की जीत में उनकी सक्रिय भूमिका को एक प्रमुख कारण माना जा रहा है।
जानकारी अनुसार दिल्ली में हुई बैठक में केवल नए चेहरों को जिम्मेदारी देने पर ही नहीं, बल्कि मंत्रियों के विभागों में फेरबदल और कुछ मौजूदा मंत्रियों की जिम्मेदारियों में बदलाव जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई।
इसके साथ ही प्रदेश कांग्रेस संगठन में भी कुछ नियुक्तियां लंबित हैं। पार्टी के प्रदेश सचिवों और प्रवक्ताओं की नियुक्तियों को लेकर भी विचार-विमर्श होने की जानकारी सामने आई है।
विधानसभा चुनाव अगले वर्ष के अंत में प्रस्तावित हैं। ऐसे में राजनीतिक जानकार मंत्रिमंडल विस्तार और संगठनात्मक नियुक्तियों को चुनावी तैयारियों के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण मान रहे हैं।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

