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हिमाचल में पंचायत चुनाव से पहले कैबिनेट के बड़े फैसले, 1500 पदों पर भर्तियां, फसलों का एमएसपी बढ़ा

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हिमाचल में पंचायत चुनाव से पहले कैबिनेट के बड़े फैसले, 1500 पदों पर भर्तियां, फसलों का एमएसपी बढ़ा


शिमला, 17 अप्रैल (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में पंचायत व शहरी निकाय चुनाव से पहले नौकरी का पिटारा खोलते हुए कांग्रेस की सुक्खू सरकार ने विभिन्न विभागों में 1550 पद भरने समेत कई अहम फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में सरकार ने बजट घोषणाओं को आगे बढ़ाते हुए किसानों, युवाओं, कर्मचारियों और आम लोगों से जुड़े कई निर्णय मंजूर किए।

कैबिनेट ने प्राकृतिक खेती से उत्पादित फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। इसके तहत गेहूं का MSP 60 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलो, मक्की 40 रुपये से 50 रुपये प्रति किलो, चंबा जिले की पांगी घाटी के जौ का MSP 60 रुपये से 80 रुपये प्रति किलो, कच्ची हल्दी का MSP 90 रुपये से बढ़ाकर 150 रुपये प्रति किलो कर दिया गया है। वहीं अदरक को 30 रुपये प्रति किलो MSP पर खरीदने का निर्णय लिया गया है और इसके लिए अलग-अलग जिलों में खरीद केंद्र खोलने की मंजूरी भी दी गई है।

युवाओं को रोजगार देने के लिए कैबिनेट ने पुलिस विभाग में 1000 पुलिस कांस्टेबल के पद भरने को मंजूरी दी है। इनमें लगभग 30 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए रखे जाएंगे। इसके अलावा वन विभाग में 500 असिस्टेंट फॉरेस्ट गार्ड के पद भरने का निर्णय लिया गया है, जिनमें 50 प्रतिशत पद वन मित्रों के लिए आरक्षित रहेंगे। राजस्व विभाग के सेवानिवृत्त 8 नायब तहसीलदार, 20 कानूनगो और 44 पटवारियों को निश्चित मानदेय पर वन विभाग में सेवाएं देने के लिए नियुक्त करने का फैसला भी लिया गया है। साथ ही वन विभाग के 10 टेरिटोरियल सर्किलों में 10 लीगल कंसल्टेंट रखने की मंजूरी भी दी गई है।

राज्य के नए मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी की कमी दूर करने के लिए कैबिनेट ने सेवानिवृत्त मेडिकल प्रोफेसरों को अनुबंध आधार पर नियुक्त करने का निर्णय लिया है। जानकारी के अनुसार इन प्रोफेसरों को आकर्षक मानदेय दिया जाएगा, जबकि रेडियोलॉजी विशेषज्ञों को इससे अधिक मानदेय देने का प्रावधान रखा गया है, ताकि कॉलेजों में पढ़ाई और स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों।

कैबिनेट ने जिला सिरमौर में जल शक्ति विभाग के डिवीजनों के प्रशासनिक ढांचे को विधानसभा क्षेत्रों के आधार पर पुनर्गठित करने का फैसला भी लिया है, जिससे लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। सामाजिक सुरक्षा पेंशन समय पर लाभार्थियों तक पहुंचे, इसके लिए हिमाचल प्रदेश सामाजिक सुरक्षा (पेंशन/भत्ता) नियम, 2010 के नियम 10 (2) और (3) में संशोधन करने को भी मंजूरी दी गई है।

सरकार ने फायर एनओसी की प्रक्रिया को सरल बनाने का निर्णय लिया है। इससे होम स्टे मालिकों को राहत मिलेगी और कारोबार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, साथ ही सुरक्षा मानकों को भी मजबूत किया जाएगा। इसके अलावा राज्य के युवाओं को सेना में भर्ती के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से परमवीर चक्र विजेता ऑनरेरी कैप्टन संजय कुमार की सेवाएं 1 मई 2026 से लेने का फैसला किया गया है।

कैबिनेट ने वर्ष 2006 की जलविद्युत नीति के तहत पात्र स्वतंत्र विद्युत उत्पादकों को 71 लघु जलविद्युत परियोजनाएं आवंटित करने का निर्णय लिया है। वहीं हाई कोर्ट के न्यायाधीशों के लिए चार इनोवा वाहन खरीदने को भी मंजूरी दी गई है।

इन सभी फैसलों को पंचायत और शहरी निकाय चुनावों से पहले अहम माना जा रहा है। प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं और शहरी निकायों के चुनाव की तैयारी चल रही है और जल्द ही आदर्श आचार संहिता लागू होने की संभावना है। ऐसे में माना जा रहा है कि आचार संहिता लगने से पहले यह कैबिनेट की आखिरी बैठक हो सकती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा