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हिमाचल विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे चरण में गूंजेंगे 834 सवाल, 18 मार्च से 2 अप्रैल तक चलेगा सत्र

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हिमाचल विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे चरण में गूंजेंगे 834 सवाल, 18 मार्च से 2 अप्रैल तक चलेगा सत्र


शिमला, 17 मार्च (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे चरण में इस बार कुल 834 सवाल सरकार के सामने रखे जाएंगे। इनमें 665 तारांकित और 169 अतारांकित प्रश्न शामिल हैं। इन सवालों में पिछले चरण के 125 प्रश्न भी जोड़े गए हैं। इसके अलावा अलग-अलग नियमों के तहत कई नोटिस भी दिए गए हैं।

एक महीने के अंतराल के बाद चौदहवीं विधानसभा के 11वें सत्र का दूसरा चरण 18 मार्च से सुबह 11 बजे शुरू होगा और 2 अप्रैल तक चलेगा। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने मंगलवार को शिमला में पत्रकार वार्ता के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस चरण में कुल 13 बैठकें होंगी और पहले चरण की 3 बैठकों को मिलाकर पूरे बजट सत्र में कुल 16 बैठकें आयोजित की जाएंगी।

सत्र की शुरुआत 18, 19 और 20 मार्च को राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा से होगी। इस चर्चा का जवाब मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू 20 मार्च को देंगे। इसके बाद 21 मार्च को मुख्यमंत्री वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगे, जो इस सत्र का सबसे अहम हिस्सा माना जा रहा है।

बजट पेश होने के बाद 23, 24 और 25 मार्च को उस पर सामान्य चर्चा होगी। 25 मार्च को इस चर्चा का समापन किया जाएगा। इसके बाद 27, 28 और 30 मार्च को बजट की मांगों पर विस्तार से चर्चा और मतदान होगा। 30 मार्च को ही विनियोग विधेयक पर विचार-विमर्श के बाद इसे पारित किया जाएगा। वहीं 31 मार्च को गैर सरकारी सदस्य कार्य दिवस रखा गया है, जबकि 1 और 2 अप्रैल को शासकीय और विधायी कार्य होंगे।

विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि इस बार सदस्यों द्वारा उठाए गए सवाल सीधे तौर पर जनता से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित हैं। इनमें इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना, हिमाचल प्रदेश बोर्ड के स्कूलों को सीबीएसई में मिलाने का प्रस्ताव, सड़कों और पुलों का निर्माण, स्वीकृत परियोजनाओं की डीपीआर, शिक्षा और स्वास्थ्य संस्थानों का उन्नयन, सरकारी विभागों में खाली पदों को भरना जैसे मुद्दे शामिल हैं।

इसके अलावा पर्यटन, बागवानी, पेयजल आपूर्ति, युवाओं में बढ़ते नशे की समस्या, बढ़ते अपराध, सौर ऊर्जा और परिवहन व्यवस्था जैसे विषय भी प्रमुखता से उठाए जाएंगे। कई विधायकों ने अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों से जुड़े स्थानीय मुद्दों को भी प्रश्नों के जरिए सामने रखा है।

पठानिया ने कहा कि सभी प्रश्न और सूचनाएं ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त हुई हैं और उन्हें नियमों के अनुसार सरकार को भेज दिया गया है, ताकि संबंधित विभाग समय पर जवाब तैयार कर सकें। उन्होंने यह भी बताया कि नियम-62 के तहत 8, नियम-101 के तहत 3 और नियम-130 के तहत 5 नोटिस भी मिले हैं, जिन पर भी सदन में चर्चा संभव है।

विधानसभा अध्यक्ष ने सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सत्र को सुचारू और शांतिपूर्ण ढंग से चलाना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सदन का समय प्रदेश के हित से जुड़े मुद्दों पर सार्थक चर्चा में लगाया जाना चाहिए, ताकि आम जनता को इसका सीधा लाभ मिल सके। उन्होंने सरकार से भी अपेक्षा जताई कि वह सदस्यों के सवालों के जवाब तथ्यों के साथ और समय पर दे।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा