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हिमकेयर योजना में बड़ा बदलाव, अब उपचार की असली लागत के आधार पर होगा भुगतान

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हिमकेयर योजना में बड़ा बदलाव, अब उपचार की असली लागत के आधार पर होगा भुगतान


शिमला, 09 अप्रैल (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने पूर्व भाजपा शासन में शुरू हुई हिमकेयर योजना की भुगतान व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। नई व्यवस्था के तहत अब सरकारी अस्पतालों को इलाज की वास्तविक लागत और तय पैकेज दर में से जो राशि कम होगी, उसी के आधार पर भुगतान किया जाएगा। इसके साथ ही कई खर्चों को हिमकेयर पैकेज के दावों से अलग कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि इस कदम से योजना में पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार की संभावनाओं पर रोक लगेगी।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गुरूवार को स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान हिमकेयर योजना में किए जा रहे इन सुधारों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मरीजों को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना सरकार की प्राथमिकता है और इस दिशा में सुधार लगातार जारी रहेंगे।

सरकार के अनुसार अब पंजीकरण शुल्क, बिस्तर शुल्क, नर्सिंग, मरीज के रहने-खाने का खर्च, सर्जन और एनेस्थेटिस्ट की फीस, डॉक्टरों और विशेषज्ञों के मानदेय, एनेस्थीसिया, रक्त चढ़ाने, ऑक्सीजन, ऑपरेशन थियेटर के उपयोग, सर्जिकल उपकरण और दवाइयों से जुड़े खर्च हिमकेयर पैकेज के दावों में शामिल नहीं होंगे। इन मदों का खर्च पहले से ही बजट के माध्यम से सरकारी अस्पतालों को दिया जा रहा है। पहले इन मदों के लिए दो अलग-अलग माध्यमों से भुगतान हो रहा था, जिससे व्यवस्था जटिल हो रही थी। अब इसे सरल और पारदर्शी बनाने के लिए यह बदलाव किया गया है।

मुख्यमंत्री का कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने से अस्पतालों को भुगतान प्रक्रिया अधिक स्पष्ट और पारदर्शी होगी, जिससे अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण लगेगा और योजना का लाभ जरूरतमंद लोगों तक बेहतर तरीके से पहुंच सकेगा। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को यह भी निर्देश दिए कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए लगातार निगरानी रखी जाए और जरूरत के अनुसार सुधार किए जाएं, जिससे आम लोगों को आधुनिक और भरोसेमंद इलाज की सुविधा मिलती रहे।

गौरतलब है कि हिमकेयर योजना की शुरुआत पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में की गई थी। इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सूचीबद्ध सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाती है। वर्तमान में प्रदेश के करीब 4.33 लाख परिवार इस योजना के तहत पंजीकृत हैं और इसका लाभ उठा रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा