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हिमाचल में नियोजित शहरीकरण के लिए एमओयू, तीन जिलों के लिए बनेगी क्षेत्रीय योजना

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हिमाचल में नियोजित शहरीकरण के लिए एमओयू, तीन जिलों के लिए बनेगी क्षेत्रीय योजना


शिमला, 28 मार्च (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में नियोजित शहरीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार और नई दिल्ली के स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर के सेंटर ऑफ एक्सिलेंस इन अर्बन प्लानिंग एंड डिजाइन के बीच शनिवार को शिमला में एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी की अध्यक्षता में हुआ।

एमओयू पर नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग की ओर से निदेशक हमीश नेगी और स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर, नई दिल्ली की ओर से निदेशक वीरेंद्र कुमार पॉल ने हस्ताक्षर किए। इस समझौते के तहत बिलासपुर, हमीरपुर और ऊना जिलों के लिए क्षेत्रीय स्तर पर शहरी विकास की कार्य योजना तैयार की जाएगी।

इस मौके पर मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि यह साझेदारी इन जिलों में व्यवस्थित और योजनाबद्ध शहरी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में तेजी से हो रहे विकास को देखते हुए आने वाले समय में नए शहरों की आवश्यकता महसूस की जाएगी और ऐसे में पहले से योजना बनाकर आगे बढ़ना जरूरी है।

उन्होंने बताया कि स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर, नई दिल्ली के सहयोग से प्रदेश के लिए तकनीकी विशेषज्ञता और शोध आधारित दृष्टिकोण के साथ योजनाएं तैयार की जाएंगी। इन योजनाओं में हिमाचल की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि विकास और प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखा जा सके।

मंत्री ने कहा कि इस पहल से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में मदद मिलेगी और शहरों पर बढ़ते दबाव को कम करने की दिशा में भी यह कदम उपयोगी साबित होगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा