मुंबई में विज्ञान, इतिहास औऱ संस्कृति से रूबरू हुए हिमाचल के 83 विद्यार्थी
शिमला, 17 अक्टूबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के 83 विद्यार्थी और शिक्षक पांच दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण पूरा कर मुंबई से लौट आए हैं। राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के तहत समग्र शिक्षा की ओर से आयोजित इस भ्रमण में विद्यार्थियों ने विज्ञान, इतिहास और संस्कृति से जुड़े प्रमुख स्थलों का दौरा किया। इसका उद्देश्य बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक अनुभव देना है।
समग्र शिक्षा हिमाचल प्रदेश के एक प्रवक्ता ने शनिवार को बताया कि भ्रमण में मंडी, कुल्लू, लाहौल-स्पीति, बिलासपुर, कांगड़ा और चंबा जिलों के विद्यार्थी और शिक्षक शामिल रहे। उन्होंने गेटवे ऑफ इंडिया और छत्रपति शिवाजी महाराज वास्तु संग्रहालय का दौरा किया। गेटवे ऑफ इंडिया की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और स्थापत्य शैली के बारे में जाना। संग्रहालय में प्राचीन कलाकृतियों, मूर्तियों, चित्रों और पुरातात्विक वस्तुओं के माध्यम से भारतीय कला और विरासत को समझा।
प्रवक्ता ने कहा कि विद्यार्थियों ने नेहरू विज्ञान केंद्र में वैज्ञानिक मॉडल, प्रयोग और प्रदर्शनियां देखीं। तारामंडल में अंतरिक्ष और खगोलीय घटनाओं से जुड़ी जानकारी प्राप्त की। इन गतिविधियों से उन्हें विज्ञान और तकनीक के सिद्धांतों को व्यावहारिक रूप से समझने का अवसर मिला।
उन्होंने कहा कि वंडरला वाटर पार्क में विद्यार्थियों ने विभिन्न राइड्स और मनोरंजक गतिविधियों का आनंद लिया। यहां गति, बल और चाल जैसे वैज्ञानिक सिद्धांतों को समझने का अवसर भी मिला। उन्होंने सिद्धिविनायक मंदिर में मुंबई की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को जाना, जबकि मरीन ड्राइव पर महानगर की जीवनशैली को करीब से देखा।
प्रवक्ता के मुताबिक मुंबई भ्रमण के दूसरे चरण में शिमला, किन्नौर, सोलन, सिरमौर, हमीरपुर और ऊना जिलों के 82 विद्यार्थी और शिक्षक 22 से 26 अक्टूबर तक शैक्षणिक दौरे पर जाएंगे।
इससे पहले राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के तहत 104 विद्यार्थी और शिक्षक जालंधर और आसपास के स्थलों का भ्रमण कर चुके हैं। उन्होंने स्वर्ण मंदिर में सेवा और समानता के मूल्यों को समझा, जलियांवाला बाग में स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास जाना और वाघा बॉर्डर पर रिट्रीट समारोह देखा। साइंस सिटी और राम बाग गार्डन का दौरा भी किया।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

