गैलंट्री अवॉर्ड विजेताओं के सम्मान को लेकर पूर्व सैनिक लीग ने उठाए कड़े सवाल
मंडी, 27 अप्रैल (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला पूर्व सैनिक लीग की एक महत्वपूर्ण ऑनलाइन बैठक सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर खुशहाल ठाकुर युद्ध सेवा मेडल की अध्यक्षता में संपन्न हुई। जिसमें वीर भूमि हिमाचल के वीरता पुरस्कार विजेताओं और परिवहन विभाग के बीच उपजे हालिया विवाद पर गहन मंथन किया गया। बैठक का मुख्य एजेंडा 25 अप्रैल को एक महिला बस कंडक्टर और गैलंट्री अवॉर्ड विनर पूर्व सैनिक हवलदार कामेश्वर सिंह के बीच हुई तीखी नोकझोंक का वीडियो था। जिसे लीग ने सरकार की प्रशासनिक ढिलाई और सैनिक कल्याण विभाग के साथ तालमेल की कमी का परिणाम माना है।
ब्रिगेडियर खुशहाल ठाकुर ने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार वीरता की परंपरा को अक्षुण रखने के लिए सैनिकों को फ्री बस पास जैसी सुविधाएं देती है, लेकिन पहली अप्रैल से डिजिटल बस कार्ड अनिवार्य करने के निर्णय की जानकारी न तो जिला और न ही राज्य स्तर के सैनिक कल्याण विभाग को दी गई, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हुई। इसी तरह का एक मामला शौर्य चक्र विजेता ऑनरेरी कैप्टन खेम सिंह के साथ भी सामने आया था। जिस पर विभाग द्वारा सरकार को पत्र लिखने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिला।
लीग ने कड़े शब्दों में कहा कि यदि सरकार समय रहते सैनिकों से जुड़े विभागों को विश्वास में लेती, तो बस में हुई इस अप्रिय घटना को टाला जा सकता था।
बैठक में कार्यकारीणी ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर मांग की है कि गैलंट्री अवॉर्ड विजेताओं के लिए डिजिटल कार्ड बनाने हेतु अलग से नोटिफिकेशन जारी हो। जिसकी प्रति सैनिक कल्याण विभाग को अनिवार्य रूप से भेजी जाए। साथ ही, इन कार्डों के निर्माण और वार्षिक नवीनीकरण (रिन्यूअल) का पूरा वित्तीय बोझ सरकार स्वयं वहन करे और जब तक नए कार्ड नहीं बन जाते, तब तक पुराने पासों को ही मान्य रखने के निर्देश परिवहन विभाग को दिए जाएं। पूर्व सैनिक लीग ने जहां एक ओर महिला कंडक्टर की कर्तव्य परायणता की सराहना की और पूर्व सैनिक द्वारा ऊंची आवाज में बात करने की निंदा की है। वहीं दूसरी ओर एचआरटीसी यूनियन द्वारा इस छोटे से विवाद को एफआईआर तक ले जाकर अनावश्यक तूल देने पर निराशा व्यक्त की।
लीग ने सभी पूर्व सैनिकों और वीर नारियों से संयम बरतने की अपील की है। वहीं सरकार को आगाह किया है कि भविष्य में सैनिकों से जुड़ी किसी भी योजना को लागू करने से पहले सैनिक कल्याण विभाग के माध्यम से ही प्रक्रिया पूरी की जाए। ताकि मान-सम्मान की रक्षा हो सके। इस ऑनलाइन बैठक में ऑनरेरी कैप्टन हेतराम शर्मा, कर्नल तारा प्रताप सिंह राणा, ऑनरेरी कैप्टन वीर सिंह गुलेरिया, ऑनरेरी कैप्टन राजेश्वर सिंह, ऑनरेरी कैप्टन चेतराम शर्मा और नायक अनिल कुमार जैसे वरिष्ठ पदाधिकारियों ने भी अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा

