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कुशाल भारद्वाज बनें हिमाचल किसान सभा के प्रधान, भूपेंद्र को बनाया सचिव, मंडी में आयोजित हुआ 17वां ज़िला सम्मेलन

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कुशाल भारद्वाज बनें हिमाचल किसान सभा के प्रधान, भूपेंद्र को बनाया सचिव, मंडी में आयोजित हुआ 17वां ज़िला सम्मेलन


मंडी, 25 सितंबर (हि.स.)। हिमाचल किसान सभा मंडी ज़िला का 17वां सम्मेलन सौली खड्ड मंडी में आयोजित किया गया। जिसकी अध्यक्षता कुशाल भारद्धाज, महेंद्र राणा, जगमेल ठाकुर, प्रेम चौधरी और रीता देवी ने संयुक्त रूप में की। जबकि सम्मेलन का उदघाटन राज्य महासचिव एवं पूर्व विधायक राकेश सिंघा ने किया। उन्होंने कहा कि आज केंद्र व राज्य सरकार किसान विरोधी नीतियां लागू कर रही है। जबकि किसानों को मिलने वाली सहायता दिन प्रति दिन कम की जा रही है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की किसान बागवान विरोधी नीतियों के चलते किसानी करना घाटे का व्यवसाय बन गया है। हिमाचल प्रदेश की अधिकांश भूमि वन भूमि है और किसान सभा की मांग है कि सभी ग़रीब किसानों को पांच बीघा जमीन उपलब्ध कराई जाए और उनके कब्ज़े वाली भूमि उनके नाम की जाए। प्रदेश में बन रहे फोर् लेन, राष्ट्रीय उच्च मार्गों और प्रोजेक्टों के लिए अधिगृहित की जा रही ज़मीन का उचित मुआवज़ा नहीं दिया रहा है। इन परियोजनाओं में स्थानीय युवाओं को रोज़गार नहीं दे रहे हैं, लेकिन सरकार मूक दर्शक बनी हुई है। इसके अलावा बंदरों व अन्य जंगली जानवरों तथा आवारा पशुओं की समस्या बारे कोई ठोस नीति नहीं बनाई जा रही है। सरकार स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन, पानी, सड़क इत्यादि की मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने में भी नाकामयाब हो रही है।

ज़िला प्रधान कुशाल भारद्वाज ने कहा कि वर्तमान में सभी घरों में लगाए जा रहे स्मार्ट बिजली मिटरों कि प्रक्रिया को रोकने और बिजली क्षेत्र के निजीकरण को रोकने के लिए अभियान चलाया जाएगा तथा जनता की दैनिक ज्वलंत मुद्दों पर अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने दूध उत्पादन को बढ़ाने तथा उसकी खरीद के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए भी कार्य किया जाएगा। सम्मेलन में 13 -14 अक्टूबर को रामपुर में होने वाले राज्य सम्मेलन में भाग लेने के लिए 30 प्रतिनिधियों का चयन किया गया।

सम्मेलन में 31 सदस्यीय नई ज़िला कमेटी का चुनाव किया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा