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किसान यूनियन ने कृषि पर आए संकट के समाधान की उठाई मांग

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किसान यूनियन ने कृषि पर आए संकट के समाधान की उठाई मांग


मंडी, 11 जुलाई (हि.स.)। हिमाचल किसान यूनियन जिला मंडी की बैठक विश्वकर्मा मंदिर हॉल में आयोजित की गई। जिसकी अध्यक्षता यूनियन के संस्थापक सुंका राम ने की। बैठक में प्रदेशाध्यक्ष सीता राम वर्मा भी मौजूद रहे। जबकि जिला अध्यक्ष करमू राम, चेत राम जिला उपाध्यक्ष, महाचिव दुनी चंद शर्मा व विभिन्न खंडों से आए हुए प्रधानों एवं महासचिवों तथा जिला व खंड कार्यकारणी के सदस्यों ने भाग लिया।

बैठक में किसानों पर आ रहे संकट के बारे चर्चा की गई। जिसमें जंगली जानवरों, बेसहारा पशुओं एवं फैलते जा रहे जहरीले घास के कारण कृषि कारोबार पर आए संकट से मुक्ति दिलाने के संदर्भ में विभाग से आग्रह किया गया। जिला अध्यक्ष करमू राम ने कहा कि अफसरशाही की मनमानी के कारण कृषि संबंधि कार्य समय पर पुरे नहीं हो रहे हैं। संगठन की इन मांगों की अनदेखी व धन का दुरूपयोग रोकने के लिए सरकार से आग्रह किया। इसके अलावा फसलों की खरीद पर न्यूनतम सर्मथन मूल्य निर्धारित करना एवं दैनिक आय देने वाला पशुपालन कारोबार में परिश्रम के अनुकूल दूध खरीद मूल्य निर्धारण करने सरकार से आग्रह किया गया।

दूध खरीद मूल्य का पैसा समय पर न मिलना तथा दूध उत्पादन की वृद्धि से दुग्ध खरीद समितियों द्वारा फालतु दूध लेने के बहाने तलाशे जा रहे हैं, जो किसानों के लिए दु:खद है। बैठक में मांग की गई कि इसबारे स्थाई व्यवस्था करवाने के प्रति कदम उठाया जाएं। उन्होंने कहा कि जल विद्युत परियोजनाओं के लिए किसानों की ली गई भूमि के बदले दी गई सरकारी भूमि का प्रभावित किसानों काे मालिकाना हक 60 वर्ष से नहीं मिल रहा है, इस पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है।

हिमाचल किसान यूनियन ने मलकियत भूमि के साथ सरकारी भूमि पर कृषि कारोबार करने वाले किसानों को उस भूमि का मालिकाना हक दिए जाने की मांग की। वहीं बीबीएमबी सुंदरनगर में नहर के किनारे जो सरपल्स भूमि पड़ी है, उसे तुरंत मूल मालिकों को नियामानुसार वापिस किया जाए। किसानों की भूमि के इंतकाल अभी भी लटके पड़े हैं उन्हें शीघ्र करवाने के लिए संगठन द्वारा आग्रह किया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा