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हिमाचल दर्शन फोटो गैलरी 30वें वर्ष में प्रवेश, अगले महीने नए स्वरूप में आएगी नजर

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हिमाचल दर्शन फोटो गैलरी 30वें वर्ष में प्रवेश, अगले महीने नए स्वरूप में आएगी नजर


मंडी, 23 अप्रैल (हि.स.)। 24 अप्रैल 1997 को मंडी कुल्लू मार्ग पर बिंदरावणी में एक छत के नीचे समूचे हिमाचल प्रदेश को छायाचित्रों के माध्यम से कुछ ही पलों में दर्शाने के इरादे से स्थापित की गई हिमाचल दर्शन फोटो गैलरी शुक्रवार को 30 वें वर्ष में प्रवेश कर रही है। पुरातत्व चेतना संघ द्वारा हिमाचल की संस्कृति, इतिहास, कला, पुरातत्व, जनजीवन व हिमाचल के सौंदर्य एवं विकास को एक जगह पर दिखाने के उदेश्य से स्थापित की गई इस फोटो गैलरी को दो बार फोरलेन की जद में आने के कारण उजड़ना पड़ा है। पिछले एक साल से एक अस्थायी परिसर बल्ह घाटी के बैहना गांव के मलोरी में एक किराए के भवन में चल रही हिमाचल दर्शन फोटो गैलरी में शोधार्थियों व दर्शकों का आना निरंतर बना रहा।

इसकी स्थापना के 29 साल पूरे होने पर संस्थापक छायाकार बीरबल शर्मा ने बताया कि इस फोटो गैलरी में अब तक पांच लाख से अधिक दर्शक देश विदेश से आ चुके हैं। इसमें एक संग्रहालय व पुस्तकालय भी स्थापित किया गया है। वर्ष 2016 के बाद इसको बार बार कई बार हटाना पड़ा और फिर से स्थापित करना पड़ा। विपरीत परिस्थितियों व बढ़ती आयु से कम होते जोश संबंधी परेशानियों के चलते कई बार इसे बंद करने का निर्णय भी लिया मगर दर्शकों की बेहद उत्साहवर्द्धक व इसकी जरूरत संबंधी टिप्पणियों ने बढ़ती उम्र 70 के कारण कम होते हुए इसे फिर से किसी तरह से बनाए रखने के प्रयास जारी रखने पड़े जिसके चलते अब ऐसी उम्मीद बन गई है कि मई महीने में एक नए व शानदार पुरातात्विक स्वरूप में यह देखने को मिलेगी। इसका नया परिसर अब सुकेती नदी किनारे मलोरी बैहना की सुंदर वादियों में एक खुले स्थान पर देखने को मिलेगा।

बीरबल शर्मा ने बताया कि बिंदरावणी में जो गैलरी परिसर में प्राचीन हटली के बरसेले थे उन्हें पहले ही जून 2025 में जिला प्रशासन को सौंपा जा चुका है जबकि अब नए गैलरी परिसर में संग्रह भी पहले से ज्यादा रखने के प्रयास हो रहे हैं ताकि शोधार्थी व दर्शक अधिक से अधिक जानकारी एक ही जगह पर हासिल कर सकें। उन्होंने बार बार उजड़ने के बावजूद फिर से इसके स्थापित किए जाने को लेकर जो हौंसला मंडी के लोगों व शुभचिंतकों एवं शोधार्थियों व मीडिया साथियों से मिला है यह सिर्फ उसकी ही बदौलत ही संभव हो पाया है ऐसे में वह इसके लिए हर सहयोगी के जीवन पर्यंत आभारी रहेंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा