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उच्च न्यायालय ने सरकार से मांगा जवाबः मंत्री पहुंचे मगर स्कूल भवन क्यों नहीं हुआ विद्यार्थियों को समर्पित

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उच्च न्यायालय ने सरकार से मांगा जवाबः मंत्री पहुंचे मगर स्कूल भवन क्यों नहीं हुआ विद्यार्थियों को समर्पित


उच्च न्यायालय ने सरकार से मांगा जवाबः मंत्री पहुंचे मगर स्कूल भवन क्यों नहीं हुआ विद्यार्थियों को समर्पित


मंडी, 15 जुलाई (हि.स.)। इन दिनों बेहद चर्चा में चल रहे मंडी जिले के दो मामलों को लेकर प्रदेश उच्च न्यायालय में दायर हुई याचिकाओं पर प्रदेश सरकार को बड़ा झटका लगा है। इनमें लगभग 5 करोड़ की लागत से बने दयोरी पाठशाला के भवन को विद्यार्थियों के लिए समर्पित करने का एक मामला है तो दूसरा मंडी नगर निगम के नवनिर्वाचित महापौर व उपमहापौर को अभी तक भी शपथ दिलाकर कार्यभार न सौंपने का है।

दोनों ही मामले बेहद रोचक हैं। 2023 की प्राकृतिक आपदा में पूरी तरह से ध्वस्त हो गए द्रंग विधानसभा क्षेत्र के इलाका बदार की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला दयोरी के भवन हेतु लोगों ने जमीन दान दी और कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री प्रियंका गांधी जो आपदा के दौरान वहां पहुंची थी के प्रयासों से लगभग 5 करोड़ की लागत से यह भवन 6 महीने पहले तैयार हो चुका है। इसे विद्यार्थियों को समर्पित करने के लिए 5 जुलाई का दिन निधार्रित किया गया, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर भी पहुंचे, खूब धूम धड़ाका, गाजे बाजे, धाम हुई, रिबन भी कट गया मगर ऐन मौके पर उदघाटन पट्टिकाएं उतार ली गई और इसका समर्पण रोक लिया गया। इस मामले को लेकर एक स्थानीय व्यक्ति कुंज लाल ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।

इस पर प्रदेश उच्च न्यायालय ने सरकार को फटकार लगाते हुए 22 जुलाई तक जवाब दायर करने को कहा है। राजनीतिक तौर पर यह मामला पहले ही खूब गर्माहट लिए हुए हैं तथा जनता में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह है कि सभी शैक्षणिक सुविधाओं से सुसज्जित यह पाठशाला भवन कब विद्यार्थियों को मिलता है। अभी तक असुरक्षित जगहों पर ही कक्षाएं लगाई जा रही हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा