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रावण के दस शीश के रूप में आज भी समाज में विद्यमान हैं अनेक बुराइयां: ज्ञान विज्ञान समिति

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रावण के दस शीश के रूप में आज भी समाज में विद्यमान हैं अनेक बुराइयां: ज्ञान विज्ञान समिति


मंडी, 20 अक्टूबर (हि.स.)। हिमाचल ज्ञान विज्ञान समिति द्वारा आज मंडी के पड्डल ग्राउंड में बेटी बचाओ अभियान के तहत समाज में व्याप्त बुराइयों के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से विशेष संदेश दिया गया। समिति ने कहा कि रावण के दस शीश आज भी विभिन्न सामाजिक बुराइयों के रूप में हमारे समाज में विद्यमान हैं, जिनका दहन करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

समिति के जिला सचिव गजेन्द्र शर्मा ने बताया कि हिमाचल ज्ञान विज्ञान समिति पिछले 20 वर्षों से रावण दहन की गतिविधि आयोजित करती आ रही है। समिति का उद्देश्य केवल रावण के पुतले का दहन करना नहीं, बल्कि समाज में मौजूद बुराइयों को समाप्त करने के लिए लोगों को प्रेरित करना भी है।

उन्होंने कहा कि आज भी बेटियों के साथ भेदभाव, छेड़छाड़, बलात्कार जैसी घटनाएँ समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। बेटियों को समान अधिकार, सम्मान, सुरक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर देना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। जब तक समाज की सोच में सकारात्मक बदलाव नहीं आएगा, तब तक वास्तविक अर्थों में बुराइयों का अंत संभव नहीं है।

समिति ने समाज में मौजूद दस प्रमुख बुराइयों को रावण के दस शीशों के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत करते हुए उनके उन्मूलन का आह्वान किया। इनमें बेटियों के साथ भेदभाव, छेड़छाड़, बलात्कार, महिला हिंसा, दहेज प्रथा, बाल विवाह, जातिगत भेदभाव, नशाखोरी, अंधविश्वास तथा भ्रष्टाचार जैसी सामाजिक बुराइयाँ शामिल हैं।

इस अवसर पर समिति ने उपस्थित लोगों से पर्चों के माध्यम से भी अपील की कि वे इन बुराइयों को समाप्त करने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएँ और अपने परिवार, आसपास के समाज तथा सार्वजनिक जीवन में समानता, सम्मान, वैज्ञानिक सोच और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा दें।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा