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68 भेड़ बकरियों समेत कुत्तों को भी चट करने वाला तेंदुआ हुआ पिंजरे में कैद

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68 भेड़ बकरियों समेत कुत्तों को भी चट करने वाला तेंदुआ हुआ पिंजरे में कैद


68 भेड़ बकरियों समेत कुत्तों को भी चट करने वाला तेंदुआ हुआ पिंजरे में कैद


मंडी, 29 अगस्त (हि.स.)। पिछले एक महीने से भी अधिक समय से मंडी शहर के साथ लगते रेहड़ाधार तुंग क्षेत्र में दर्जनों भेड़ बकरियों को अपना शिकार बनाने वाला तेंदुआ आखिर शुक्रवार को पिंजरे में कैद हो गया। लोगों के लिए परेशानी का सबब बन चुके इस तेंदुए को लोगों की मांग पर वन विभाग ने कड़ी मशक्कत के बाद उसे पकड़ने में सफलता हासिल कर ली है।

विभाग की तरफ से लगाए गए पिंजरे में यह तेंदुआ शुक्रवार सुबह फंसा हुआ पाया गया। इस तेंदुए ने रेहड़धार व तुंग इलाके के कई गांवों में बीते एक माह से भी अधिक समय से आतंक मचा रखा था जिससे लोग पालतु पशुओं के साथ साथ अपने बच्चों व बुजुर्गों को लेकर भी चिंतित थे व एक दहशत का माहौल बड़ी आबादी में बन चुका था।

इस तेंदुए ने 67 भेड़, 1 बकरी और 1 कुत्ते को अपना शिकार बना लिया था। उप वन अरण्यपाल मंडी संजीव शर्मा के निर्देशों पर रेंज ऑफिसर मंडी अजय चंदेल ने डिप्टी रेंजर चिंता देवी के नेतृत्व में टीम का गठन किया जिसमें फॉरेस्ट गार्ड हेम राज, जीवन सिंह, नीलमा देवी, पूजा ठाकुर और अन्य वन कर्मी तथा वन मित्र शामिल रहे। स्थानीय लोगों ने भी विभाग का पूरा सहयोग किया। विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए दो पिंजरे और 4 सीसीटीवी कैमरे लगा रखे थे। इनके माध्यम से तेंदुए की लोकेशन को ट्रैक किया जा रहा था। विभाग को पता चला कि तेंदुआ त्रहु नाला के पास अधिक सक्रिय रहता है। तेंदुए की ट्रैकिंग को भांपते हुए दो स्थानों पर गत रात को पिंजरे लगाए गए जिसमें तेंदुए को फांसने के लिए दो भेड़ रखे गए थे। सुबह जब लोग मौके पर पहुंचे तो तेंदुआ पिंजरे में कैद मिला।

संजीव शर्मा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि तेंदुए को पकड़ लिया गया है और उसे मेडिकल के लिए कांगू भेजा गया है। उसके बाद आगामी कार्रवाई अम्ल में लाई जाएगी। स्थानीय लोगों ने तेंदुए को पकड़े जाने पर राहत की सांस ली है। इसने कई गरीब ग्रामीणों के पशुधन को अपना निवाला बनाया था। लोगों ने इसके लिए न विभाग का आभार जताया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा