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हिमाचल में हेली-सेवा शुरू, शिमला से कुल्लू-किन्नौर-चंडीगढ़ के लिए उड़ानें

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हिमाचल में हेली-सेवा शुरू, शिमला से कुल्लू-किन्नौर-चंडीगढ़ के लिए उड़ानें


शिमला, 21 जनवरी (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करते हुए बुधवार से हेलीकॉप्टर सेवाओं की औपचारिक शुरुआत हो गई है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शिमला के संजौली हेलीपोर्ट से बुधवार को इन सेवाओं का शुभारम्भ किया। इसके साथ ही शिमला से कुल्लू, किन्नौर और चंडीगढ़ की दूरी अब घंटों की सड़क यात्रा की बजाय कुछ ही समय में तय की जा सकेगी। सरकार का मानना है कि बेहतर हवाई कनेक्टिविटी से जहां आम लोगों को सुविधा मिलेगी, वहीं पर्यटन को भी नई रफ्तार मिलेगी।

संजौली हेलीपोर्ट से रोजाना कुल्लू जिले के भुंतर हवाई अड्डे और किन्नौर जिले के रिकांगपिओ स्थित आईटीबीपी हेलीपैड के लिए हेलीकॉप्टर उड़ानें शुरू की गई हैं। इसके अलावा चंडीगढ़ से संजौली हेलीपोर्ट के बीच सप्ताह में तीन दिन, सोमवार, शुक्रवार और शनिवार को सेवाएं संचालित होंगी। किराये की बात करें तो संजौली से कुल्लू के लिए प्रति यात्री 3,500 रुपये, संजौली से रिकांगपिओ के लिए 4,000 रुपये और संजौली से चंडीगढ़ के लिए 3,169 रुपये किराया तय किया गया है। सरकार का तर्क है कि किराया इस तरह रखा गया है कि पर्यटन से जुड़े लोग, कारोबारी और समय की कमी से जूझ रहे यात्री इसका लाभ उठा सकें।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि ये सेवाएं लंबे समय से लोगों की मांग थीं, जो अब पूरी हो गई हैं। उन्होंने कहा कि हेलीकॉप्टर सेवा से न केवल यात्रा सुविधाजनक होगी बल्कि समय की भी बड़ी बचत होगी, खासकर उन इलाकों के लिए जहां सड़क मार्ग से पहुंचना कठिन और समयसाध्य होता है।

पर्यटन के नजरिये से देखें तो शिमला, कुल्लू-मनाली और किन्नौर जैसे लोकप्रिय क्षेत्रों के बीच तेज हवाई संपर्क से देश-विदेश के पर्यटकों के लिए हिमाचल और आकर्षक बनेगा। सरकार को उम्मीद है कि उच्च वर्ग के पर्यटक भी अब कम समय में अधिक स्थानों की यात्रा कर सकेंगे, जिससे स्थानीय लोगों की आय बढ़ेगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि जल्द ही संजौली-रामपुर-रिकांगपिओ और संजौली-मनाली (सासे हेलीपैड) के लिए भी हेलीकॉप्टर सेवाएं शुरू की जाएंगी। इसके लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) को प्रस्ताव भेज दिए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संजौली हेलीपोर्ट आईजीएमसी अस्पताल के पास स्थित है, जिससे मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में मरीजों को तेजी से एयरलिफ्ट करने में भी मदद मिलेगी।

राज्य सरकार हर जिले के मुख्यालय और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर हेलीपोर्ट विकसित कर रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि हमीरपुर जिले के जसकोट, कांगड़ा के रक्कड़ और पालमपुर तथा चंबा में चार नए हेलीपोर्ट का निर्माण कार्य अगले मार्च-अप्रैल तक पूरा हो जाएगा। प्रत्येक हेलीपोर्ट पर लगभग 15 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछली भाजपा सरकार ने करीब एक हजार करोड़ रुपये ऐसी इमारतों पर खर्च किए, जो आज खाली और अनुपयोगी पड़ी हैं।

बता दें कि संजौली हेलीपोर्ट का शिलान्यास 13 सितंबर 2017 को हुआ था और इसका निर्माण लगभग 15.86 करोड़ रुपये की लागत से किया गया। हेलीपोर्ट का उद्घाटन 12 जनवरी 2022 को हो गया था। लेकिन डीजीसीए की मंजूरी न मिलने के कारण उड़ानें शुरू नहीं हो सकीं।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा