शिमला : गायनी ओपीडी आईजीएमसी शिफ्ट करने के फैसले पर विवाद, डॉक्टरों और स्टाफ का विरोध
शिमला, 29 अप्रैल (हि.स.)। राजधानी शिमला में कमला नेहरू मातृ एवं शिशु अस्पताल (केएनएच) से गायनी ओपीडी को इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) शिफ्ट करने के सरकार के फैसले का विरोध तेज हो गया है। बुधवार को अस्पताल परिसर में डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ ने काले बिल्ले लगाकर प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री से इस फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की। प्रदर्शन में कई कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि सौ साल से अधिक पुराने इस महिला अस्पताल में पहले से ही महिलाओं के इलाज की सभी जरूरी सुविधाएं मौजूद हैं। उनका तर्क है कि गायनी ओपीडी को आईजीएमसी शिफ्ट करने से न केवल अस्पताल में स्टाफ की कमी बढ़ेगी, बल्कि महिलाओं को इलाज के लिए अधिक परेशानी भी उठानी पड़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि आईजीएमसी तक पहुंचना कई मरीजों के लिए मुश्किल हो सकता है, जबकि केएनएच में सभी सेवाएं एक ही जगह उपलब्ध हैं।
डॉक्टरों ने मेडिकल मानकों का हवाला देते हुए कहा कि नवजात शिशु देखभाल इकाई और गायनी विभाग का एक ही स्थान पर होना जरूरी है, ताकि मां और बच्चे दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
उनका कहना है कि दोनों विभाग अलग-अलग जगह होने से इलाज और मेडिकल छात्रों के प्रशिक्षण पर भी असर पड़ सकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि नई सुविधाएं, जैसे रोबोटिक सर्जरी, आईजीएमसी की बजाय केएनएच में शुरू की जानी चाहिए।
कर्मचारियों का यह भी कहना है कि इस फैसले से सरकार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा और स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यक्षमता भी प्रभावित हो सकती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री इस मुद्दे पर दोबारा बैठक बुलाकर फैसले पर पुनर्विचार करेंगे। इस मुद्दे को लेकर पहले भी कई संगठन विरोध जता चुके हैं और जनवादी महिला समिति ने 30 अप्रैल को आईजीएमसी के बाहर प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

