home page

'वसुधैव कुटुंबकम' दुनिया के लिए भारत का शाश्वत संदेश : राज्यपाल कविंदर गुप्ता

 | 
'वसुधैव कुटुंबकम' दुनिया के लिए भारत का शाश्वत संदेश : राज्यपाल कविंदर गुप्ता


शिमला, 04 जुलाई (हि.स.)। राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने कहा है कि 'वसुधैव कुटुंबकम' दुनिया के लिए भारत का शाश्वत संदेश है और सनातन धर्म करुणा, सद्भाव, शांति तथा विश्व बंधुत्व का मार्ग दिखाता है। उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत ही देश की प्रगति की सबसे मजबूत नींव है।

राज्यपाल शनिवार को शिमला में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से आयोजित शिव-शक्ति महाकथा और शिव विवाह महोत्सव में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना कर हिमाचल प्रदेश के लोगों के लिए शांति, समृद्धि, सुख और खुशहाली की कामना की।

समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि ऐसे आध्यात्मिक आयोजन भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं को सहेजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म केवल एक धर्म नहीं, बल्कि जीवन जीने की ऐसी पद्धति है, जो मानवीय मूल्यों पर आधारित है। इसके आदर्श आज भी पूरी दुनिया को शांति और साथ मिलकर रहने की प्रेरणा देते हैं।

उन्होंने कहा कि संयुक्त परिवारों से एकल परिवारों की ओर बढ़ना समाज में स्वाभाविक बदलाव है। फिर भी इस बदलाव के बीच परिवारों में प्रेम, आपसी सम्मान, भावनात्मक जुड़ाव और संवाद कमजोर नहीं पड़ना चाहिए। उनके अनुसार परिवार की मजबूती का आधार यही मूल्य हैं।

राज्यपाल ने युवाओं में बढ़ती नशे की समस्या पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस चुनौती से निपटने के लिए कानून का सख्ती से पालन जरूरी है, लेकिन बच्चों को अच्छे संस्कार देना सबसे प्रभावी उपाय है। उन्होंने अभिभावकों से अपने बच्चों के साथ अधिक समय बिताने, उनसे खुलकर बात करने, उनका विश्वास जीतने और उन्हें भारत की समृद्ध सांस्कृतिक तथा आध्यात्मिक परंपराओं से जोड़ने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि समाज के सभी लोगों की जिम्मेदारी है कि भारत की सांस्कृतिक परंपराएं, पारिवारिक मूल्य और आध्यात्मिक विरासत आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचती रहें।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा