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देश को आज़ादी के 78 साल बाद शमयाला गांव को जगी  पक्की सड़क की उम्मीद

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नाहन, 05 फ़रवरी (हि.स.)। देश को आज़ादी मिले 78 साल बीत चुके हैं, लेकिन शमयाला गांव के लोगों को आज तक पक्की सड़क जैसी बुनियादी सुविधा नसीब नहीं हो सकी थी। अब गांव के लोगों ने अपने हक की सड़क के लिए खुद आगे बढ़ते हुए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से गांव में पक्की सड़क निर्माण के लिए अपनी निजी भूमि सरकार को गिफ्ट कर दी है। इस मौके पर गांव के बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता दलीप तोमर भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की इस पहल को विकास की दिशा में बड़ा कदम बताया। वहीं ग्रामीणों ने पांवटा साहिब के विधायक सुखराम चौधरी से भी मौके पर मुलाकात की और सड़क को तुरंत स्वीकृति देने की मांग रखी।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क न होने के कारण बरसात के दिनों में हालात बेहद खराब हो जाते थे। गांव की महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे कच्चे व फिसलन भरे रास्तों से पैदल मुख्य सड़क तक पहुंचने को मजबूर रहते थे। कई बार बीमार लोगों को चारपाई पर उठाकर ले जाना पड़ता था। वर्षों से चली आ रही इन समस्याओं को देखते हुए ग्रामीणों ने आपसी सहमति से अपनी जमीन गिफ्ट करने का निर्णय लिया, ताकि गांव को पक्की सड़क की सुविधा मिल सके।

पांवटा साहिब के विधायक सुखराम चौधरी ने बताया कि पांवटा विधानसभा क्षेत्र में कुल सात सड़कों के लिए ग्रामीणों द्वारा गिफ्ट डीड की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सड़क योजना के फोर्थ पैकेज में शमयाला गांव की सड़क को शामिल किया जाएगा।विधायक ने जानकारी दी कि शिव से रुदाना गांव तक की सड़क, राजपुर से कंडेला तक की सड़क और कुलथिना से शमयाला तक की सड़क—इन तीनों सड़कों के दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं। इसके अलावा पांवटा साहिब के मैदानी क्षेत्र की चार अन्य सड़कों को भी प्रधानमंत्री सड़क योजना के अंतर्गत शामिल किया गया है। सभी सातों सड़कों की औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं, ताकि इन्हें जल्द से जल्द स्वीकृति मिल सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / जितेंद्र ठाकुर