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गगल एयरपोर्ट के पास संदिग्ध बेनामी भूमि सौदों का खुलासा, चार मामलों में आपराधिक केस दर्ज : सुक्खू

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गगल एयरपोर्ट के पास संदिग्ध बेनामी भूमि सौदों का खुलासा, चार मामलों में आपराधिक केस दर्ज : सुक्खू


शिमला, 25 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला गगल एयरपोर्ट के विस्तार की कवायद के बीच जमीन के संदिग्ध सौदों को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के बाद विशेष वक्तव्य में कहा कि गगल एयरपोर्ट के आसपास की जमीन के संदिग्ध बेनामी सौदों का पता चला है। इन मामलों की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अब तक नौ अलग-अलग स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत की हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार चार मामलों में एसआईटी ने राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (SV&ACB) में आपराधिक मामले दर्ज किए हैं। उन्होंने कहा कि एसआईटी की रिपोर्ट में सामने आए जमीन खरीद के मामलों को हिमाचल प्रदेश काश्तकारी एवं भूमि सुधार अधिनियम, 1972 की धारा 118 के तहत आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित जिलाधीशों को भेजा जा चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले विधानसभा सत्र में राकेश कालिया ने गगल एयरपोर्ट के लिए भूमि अधिग्रहण, जमीन की खरीद और प्रभावित लोगों को दिए गए मुआवजे का मामला सदन में उठाया था। चर्चा के दौरान आरोप सामने आए थे कि गगल एयरपोर्ट के लिए प्रस्तावित जमीन के आसपास और गगरेट में कुछ लोगों ने गरीब और सामान्य लोगों से अपेक्षाकृत कम कीमत पर जमीन खरीदी और बाद में सरकारी अधिग्रहण के जरिये अधिक मुआवजा लेने का प्रयास किया। साथ ही इन जमीन सौदों में धारा 118 और अन्य कानूनी प्रावधानों के पालन को लेकर भी सवाल उठे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने उसी समय सदन में स्पष्ट किया था कि नियमों को दरकिनार कर जमीन खरीदने, किसी सौदे के पीछे बेनामी स्वामित्व छिपाने या गरीब लोगों से कम कीमत पर जमीन लेकर सरकारी अधिग्रहण के माध्यम से अनुचित लाभ लेने की कोशिश हुई तो कानून के अनुसार कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि उन्होंने केवल आश्वासन नहीं दिया, एसआईटी गठित कर मामले की जांच कराने का निर्णय लिया।

सुक्खू ने बताया कि एसआईटी गठित करने की घोषणा 17 फरवरी को की गई थी और 18 फरवरी 2026 को पुलिस महानिदेशक के आदेश पर डीआईजी धर्मशाला की अध्यक्षता में चार सदस्यीय एसआईटी गठित की गई। एसआईटी ने गगल एयरपोर्ट के आसपास हुई जमीन की खरीद, संदिग्ध बेनामी स्वामित्व और संबंधित बैंक लेन-देन की जांच की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन मामलों की विजिलेंस जांच भी चल रही है और चार मामलों में एसआईटी की ओर से विजिलेंस में आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एसआईटी की रिपोर्ट में सामने आए भूमि खरीद के मामलों को धारा 118 के प्रावधानों के तहत आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित जिलाधीशों को भेजा जा चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार की कार्रवाई किसी व्यक्ति के प्रभाव, राजनीतिक पहचान, पद या पहुंच के आधार पर नहीं होगी। केवल तथ्य, साक्ष्य और कानून के आधार पर निर्णय लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सरकार की नीयत भाषणों से नहीं, फैसलों से परखी जाती है। उन्होंने कहा कि जब यह मामला सदन में उठा तो सरकार ने इसे दबाया नहीं और जांच की मांग पर समय नहीं गंवाया। उन्होंने कहा कि सरकार गरीब की जमीन, सरकारी धन और हिमाचल के हितों की रक्षा करेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा