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संजौली-ढली फोरलेन टनल निर्माण की जांच के लिये कमेटी गठित, 22 अक्टूबर को होगा निरीक्षण

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संजौली-ढली फोरलेन टनल निर्माण की जांच के लिये कमेटी गठित, 22 अक्टूबर को होगा निरीक्षण


शिमला, 17 अक्टूबर (हि.स.)। राजधानी शिमला के संजौली-भटाकुफर-ढली क्षेत्र में निर्माणाधीन फोरलेन टनल की ब्लास्टिंग से रिहायशी भवनों में आई दरारों के मामले में जिला प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने टनल निर्माण की मौजूदा स्थिति का पता लगाने के लिए दो अतिरिक्त जिला दंडाधिकारियों की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की है। यह कमेटी 22 अक्टूबर को मौके का निरीक्षण करेगी और टनल निर्माण कार्य की नवीनतम स्थिति पर रिपोर्ट तैयार करेगी।

शनिवार को उपायुक्त अनुपम कश्यप ने फोरलेन प्रभावित समिति के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इसमें रिहायशी भवनों में दरारें आने के बाद जिला प्रशासन की ओर से फोरलेन निर्माण कंपनियों को दिए गए निर्देशों की अनुपालना नहीं होने का मामला उठाया गया। प्रभावित समिति के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि कंपनी चोरी-छिपे टनल का निर्माण कार्य कर रही है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने कमेटी गठित कर निर्माण कार्य की वास्तविक स्थिति का पता लगाने के निर्देश दिए।

कमेटी में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी कानून एवं व्यवस्था और अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी प्रोटोकॉल अध्यक्ष के रूप में शामिल हैं। उपमंडल दंडाधिकारी शिमला ग्रामीण, लोक निर्माण विभाग के कसुम्पटी वृत्त के अधिशासी अभियंता और तहसीलदार शिमला ग्रामीण को कमेटी का सदस्य बनाया गया है। कमेटी के निरीक्षण का उद्देश्य टनल निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति का पता लगाना है।

आईआईटी रुड़की की रिपोर्ट के आधार पर होगा अगला निर्णय

उपायुक्त ने बैठक में बताया कि टनल की ब्लास्टिंग से आसपास के रिहायशी इलाकों में भवनों में दरारें आने के कारण फिलहाल टनल निर्माण कार्य बंद किया गया है। प्रभावित क्षेत्र और क्षतिग्रस्त भवनों की स्थिति का तकनीकी आकलन करने के लिए आईआईटी रुड़की की टीम को नियुक्त किया गया है।

यह टीम टनल और आसपास के प्रभावित क्षेत्र का एक बार दौरा कर चुकी है। उसे दरारें आए भवनों का निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। प्रशासन के अनुसार, टीम अगले एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंप देगी। इसके बाद रिपोर्ट के निष्कर्षों के आधार पर टनल निर्माण से संबंधित आगामी निर्णय लिया जाएगा।

बैठक में फोरलेन निर्माण कंपनियों को दिए गए प्रशासनिक निर्देशों के पालन और प्रभावित भवनों की स्थिति पर भी चर्चा हुई। टनल निर्माण के दौरान ब्लास्टिंग से भवनों को हुए नुकसान और निर्माण कार्य की मौजूदा स्थिति को लेकर प्रभावित लोगों की चिंताओं के बीच अब प्रशासन की गठित कमेटी के निरीक्षण और आईआईटी रुड़की की तकनीकी रिपोर्ट पर नजर रहेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा