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अवैध मत्स्य शिकार और बिक्री पर मत्स्य विभाग की सख्ती, अप्रैल में 11 मामले दर्ज

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मंडी, 07 मई (हि.स.)। मत्स्यिकी विभाग मत्स्य मंडल मंडी ने जिले में अवैध मत्स्य शिकार एवं अवैध मछली बिक्री पर शिकंजा कसते हुए कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। विभागीय टीमों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में लगातार गश्त और निरीक्षण किए जा रहे हैं। सहायक निदेशक मत्स्य मंडल मंडी नीतू सिंह ने बताया कि कुछ मछली विक्रेता बिना बिल और आवश्यक दस्तावेजों के अवैध रूप से मछली लाकर बेच रहे हैं। इसी के तहत गत दिनों पंडोह बाजार में गश्त कर नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई गई।

उन्होंने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष के अप्रैल माह में ही अवैध मत्स्य शिकार एवं अवैध मत्स्य विक्रय के कुल 11 मामले दर्ज किए गए हैं तथा मौके पर कुल 5 हजार 900 रुपए जुर्माना वसूला गया। ये मामले सुकेती खड्ड पुल घराट, खलियार, मंडी, सौली खड्ड, ब्यास नदी और पंडोह क्षेत्र से संबंधित हैं।

नीतू सिंह ने मछुआरों और मछली विक्रेताओं से अवैध मत्स्य शिकार एवं बिक्री से दूर रहने की अपील की है।

उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति अवैध मत्स्य शिकार या बिक्री करते पाया जाएगा, उसके विरुद्ध मत्स्य अधिनियम 1976 तथा मत्स्य नियमावली 2020 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। इन प्रावधानों के तहत दोषियों पर भारी जुर्माना लगाने का प्रावधान है।

उन्होंने बेरोजगार युवाओं और इच्छुक लोगों से मत्स्य आखेट को वैध व्यवसाय के रूप में अपनाने का आग्रह किया। सामान्य जल में मछली पकड़ने के लिए 200 रुपये का वार्षिक लाइसेंस तथा ट्राउट मछली पकड़ने के लिए 300 रुपये का दैनिक लाइसेंस विभाग से प्राप्त किया जा सकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा