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हिमाचल में 1,500 मछुआरों के खातों में पहुंचे 3,500-3,500 रुपये, मुख्यमंत्री ने की कई घोषणाएं

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हिमाचल में 1,500 मछुआरों के खातों में पहुंचे 3,500-3,500 रुपये, मुख्यमंत्री ने की कई घोषणाएं


शिमला, 12 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में 1,500 मछुआरों के बैंक खातों में बुधवार को मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने 3,500-3,500 रुपये की राशि भेजी। मुख्यमंत्री ने झंडूता विधानसभा क्षेत्र के अपने दौरे के दौरान मुख्यमंत्री मछुआरा सम्मान निधि योजना के तहत कुल 52.50 लाख रुपये की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी डीबीटी के माध्यम से जारी की।

मुख्यमंत्री ने मछुआरों से जुड़ी सहकारी समितियों पर लगाए गए पांच गुना जुर्माने को माफ करने की घोषणा भी की। इसके साथ ही मछली रखने के लिए कोल्ड स्टोरेज बनाने पर मिलने वाली सब्सिडी को 70 प्रतिशत से बढ़ाकर 80 प्रतिशत करने का ऐलान किया। उन्होंने प्रदेश के मछुआरों को लाइफ जैकेट उपलब्ध करवाने के लिए 50 लाख रुपये और मछुआरों के लिए लैंडिंग सुविधाएं तैयार करने के लिए 10 लाख रुपये देने की घोषणा की।

सुक्खू ने झंडूता विधानसभा क्षेत्र में 10 संपर्क सड़कों का निर्माण पूरा करने के लिए 10-10 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने सरकारी डिग्री कॉलेज झंडूता में बीसीए और बीबीए की कक्षाएं शुरू करने का भी ऐलान किया।

धारसाणी में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आम लोगों की बात सुनना और उनकी जरूरतों के अनुसार नीतियां बनाना ही ‘व्यवस्था परिवर्तन’ का वास्तविक अर्थ है। उन्होंने कहा कि वह एक सामान्य परिवार से उठकर मुख्यमंत्री के पद तक पहुंचे हैं और आम लोगों की परेशानियों को समझते हैं। उन्होंने कहा कि मछुआरे कड़ी मेहनत करते हैं और उनके योगदान को देखते हुए राज्य सरकार ने उनके हित में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में जलाशयों से पकड़ी जाने वाली मछली पर रॉयल्टी को 15 प्रतिशत से घटाकर 7.50 प्रतिशत किया गया था। अब इसे और घटाकर केवल एक प्रतिशत कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि मछली को दिल्ली और चंडीगढ़ जैसे बड़े बाजारों तक पहुंचाने के लिए रेफ्रिजरेटेड वाहनों की खरीद पर सरकार 70 प्रतिशत सब्सिडी दे रही है। सरकार का उद्देश्य मछुआरों को बेहतर और सुरक्षित जीवन देना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है, जिससे लोगों को अपने गांवों में ही रोजगार और आय के साधन मिल सकें।

सुक्खू ने शिक्षा के मुद्दे पर पिछली भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उस समय हिमाचल प्रदेश गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में देश में 21वें स्थान पर पहुंच गया था। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के प्रयासों से राज्य अब विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के मामले में पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की पहल से 150 सीबीएसई स्कूल खोले गए हैं और इनमें करीब 24 हजार विद्यार्थियों का नामांकन बढ़ा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने दूध के दाम और प्राकृतिक खेती से मिलने वाली उपज के न्यूनतम समर्थन मूल्य में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की है। उन्होंने कहा कि वन क्षेत्र बढ़ाने और पौधरोपण के लिए महिला मंडलों और युवक मंडलों को आर्थिक सहायता दी जा रही है। सरकार चाहती है कि गांवों में रहने वाले लोग अपने गांवों में ही रोजगार और आय के साधन विकसित कर सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने भ्रष्टाचार के रास्तों को बंद किया है और इन उपायों से बचाए गए धन का इस्तेमाल मछुआरों के कल्याण और अनाथ एवं अन्य जरूरतमंद बच्चों की उच्च शिक्षा से जुड़ी योजनाओं में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा हासिल कर रहे विद्यार्थियों को केवल एक प्रतिशत ब्याज दर पर शिक्षा ऋण भी दिया जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा