शिमला फिल्म फेस्टिवल में अमित राय का संवाद और देश-दुनिया की फिल्मों ने बांधा समां
शिमला, 26 सितंबर (हि.स.)। 12वें अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव शिमला के दूसरे दिन शनिवार को ऐतिहासिक गेयटी कल्चरल कॉम्प्लेक्स में देश-दुनिया की अलग-अलग कहानियां पर्दे पर उतरीं। फिल्मकारों, कलाकारों, विद्यार्थियों और सिनेमा प्रेमियों ने फीचर फिल्मों, लघु फिल्मों, वृत्तचित्रों और एनीमेशन फिल्मों का आनंद लिया। दिन का खास आकर्षण ‘ओएमजी 2’ के लेखक-निर्देशक अमित राय के साथ हुआ विशेष संवाद सत्र रहा। इस दौरान उन्होंने फिल्म बनाने, कहानी कहने और पटकथा लिखने से जुड़े अनुभव साझा किए।
अमित राय ने समकालीन फिल्म निर्माण की चुनौतियों, रचनात्मक फैसलों और भारतीय सिनेमा में हो रहे बदलावों पर बात की। उन्होंने विद्यार्थियों और उभरते फिल्मकारों के सवालों के जवाब भी दिए। कार्यक्रम का संचालन पत्रकार और फिल्म समीक्षक नोनिका सिंह ने किया। संवाद सत्र के बाद भारतीय सिनेमा में उनके योगदान के लिए अमित राय को सम्मानित किया गया। कॉन्फ्रेंस हॉल में एक घंटे की मास्टरक्लास भी हुई, जिसमें फिल्म निर्माण और कहानी कहने के अलग-अलग पहलुओं पर चर्चा हुई।
महोत्सव में एमपी थिएटर और गॉथिक थिएटर में कई फिल्मों की स्क्रीनिंग हुई। एमपी थिएटर में ‘द मशरूम्स’, ‘कोल डिगर्स ऑफ इंडिया’, ‘टॉय गन’, ‘ईट की देओढ़ी’, ‘कौतूहल’, ‘द रस्टि फिश’, ‘होप’, ‘काकोरी’, ‘द जेनेसिस ऑफ रसा’, ‘टेन्फा’, ‘चुपी राह’, ‘रानफूल’, ‘द क्रोज़ रिक्वियम’, ‘इकोज़ ऑफ द लास्ट शेल्टर’, ‘हलगी’, ‘ड्राई बुशेज’, ‘पसवार’, ‘शोटाइम’, ‘शिस्ट, ए प्रेशस स्टोन’ और ‘वी शैल गो टू वियाना’ जैसी फिल्में दिखाई गईं।
गॉथिक थिएटर में ‘बियॉन्ड द जेनोसाइड’, ‘सर्वाइवल ऑन अ लिविंग रिवर’, ‘ब्लू सैडनेस’, ‘को-एग्जिस्टेंस’, ‘फेयरवेलडे’, ‘मिलो’, ‘व्हेयर होप स्टैंड्स टॉल’ और ‘द डॉट्स ऑफ अ केस’ जैसी फिल्में प्रदर्शित हुईं। इसके बाद मराठी फीचर फिल्म ‘गमन’ और गढ़वाली फिल्म ‘ढोली’ दिखाई गईं। ‘द एंड ऑफ टाइम्स’, ‘द एंड’, ‘द अल्टर ईको’ और ‘बियॉन्ड द डोर’ जैसी लघु फिल्मों ने भी दर्शकों का ध्यान खींचा।
कॉन्फ्रेंस हॉल में ‘हार्वेस्ट पार्टी एट कैंप टू’, ‘कमिंग होम’, ‘द लास्ट रिजॉर्ट’, ‘फ्रेंड्स ऑफ जिलीपिबाला’, ‘आवर बॉडी आवर्स’, ‘अ मैटर ऑफ फेथ’ और ‘अलांड्रोआल बॉर्डर विलेज’ जैसे वृत्तचित्र दिखाए गए। महोत्सव में भारत के 15 राज्यों और 33 देशों की फिल्मों को जगह मिली है। हिंदी, मराठी, गढ़वाली, मणिपुरी, तमिल, मलयालम, गुजराती और बंगाली सहित कई भाषाओं की फिल्मों के साथ एनीमेशन और एआई आधारित फिल्म निर्माण को भी मंच मिला है। हिमालयन वेलोसिटी द्वारा विभिन्न सरकारी संस्थाओं के सहयोग से आयोजित यह महोत्सव रविवार को संपन्न होगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

