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सिरमौर में निर्यात बढ़ाने पर जोर, कारोबार सुगमता के लिए ऑनलाइन व्यवस्था लागू होगी

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नाहन, 09 जुलाई (हि.स.)। उपायुक्त सिरमौर प्रियंका वर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को उपायुक्त कार्यालय के सभागार में व्यापक सुधार कार्य योजना और निर्यात को बढ़ावा देने की उद्देश्य से गठित जिला निर्यात संवर्धन समिति की बैठक आयोजित हुई।

बैठक में उपायुक्त ने कहा कि इस समिति का मुख्य उद्देश्य कारोबार में सुगमता सुनिश्चित करना है जो कि जिला स्तर पर निर्यात और व्यापार सुधारों के लिए मुख्य कार्यकारी निकाय हैं। उन्होंने बताया कि नए निर्यातकों की पहचान करना और उन्हें लॉजिस्टिक्स व वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाना, निर्यात में आने वाली बाधाओं विशेष कर स्थानीय मंजूरी, बुनियादी ढांचे की समस्या दूर करना, सरकारी नियमों को सरल बनाना, अनुपालन के बोझ को कम करना और व्यापारिक अनुमतियों को डिजिटल और पारदर्शी बनाना है।

उन्होंने आनलाइन प्रक्रिया को लागू करने पर बल दिया ताकि सभी लाईसेंस और अनापति प्रमाण पत्र एक ही आनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध करवाए जा सके। उन्होंने उत्पादों के निर्यात के लिए कार्य योजना बनाने तथा उत्पादकों को जागरूक करने पर भी बल दिया।

उन्होंने कहा कि यह हर्ष का विषय है कि सिरमौरी परिधान लोईया को जीआई टैग मिला है, जिससे इस उत्पाद की राष्ट्र स्तर पर मांग में वृद्धि होने के साथ-साथ इससे जुड़े लोगों की आर्थिकी में भी बढ़ोतरी होगी। उन्होंने कहा कि जिला सिरमौर में आडू, प्लम और अखरोट की भी अच्छी पैदावार होती है तथा सिरमौर के राजगढ़ क्षेत्र को पीच वैली के नाम से भी जाना जाता है।

उन्होंने कहा कि सिरमौर जिला का अदरक तथा लहसुन पूरे देश में अपनी पहचान रखता है जिनकी जीआई टैगिंग प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कृषि तथा बागवानी विभागों को निर्देश दिए कि वह उनके उत्पाद तथा प्रसंस्करण का विशेष कार्य करें ताकि इनका भी अन्य देशों में निर्यात किया जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / जितेंद्र ठाकुर