एंट्री टैक्स में कोई बड़ी बढ़ोतरी नहीं, पुरानी दरों के अनुसार यथास्थिति करेंगे बहाल : मुख्यमंत्री सुक्खू
शिमला, 31 मार्च (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश और पंजाब की सीमाओं पर एंट्री टैक्स को लेकर बढ़ते विवाद के बीच हिमाचल प्रदेश सरकार ने फिलहाल यथास्थिति बहाल करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को विधानसभा में इस मुद्दे पर बयान देते हुए कहा कि सरकार ने एंट्री टैक्स में किसी तरह की बड़ी बढ़ोतरी नहीं की है बल्कि केवल विभिन्न श्रेणियों को व्यवस्थित और तर्कसंगत बनाने के लिए बदलाव किए गए थे।
उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए अधिकारियों के साथ बैठक कर पुराने ढांचे के अनुसार व्यवस्था बहाल करने का निर्णय लिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि इस मुद्दे पर पंजाब के मुख्यमंत्री से भी बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया। हालांकि पंजाब कांग्रेस के नेताओं राजा वडिंग और प्रताप सिंह बाजवा से इस विषय पर चर्चा हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा किसी भी राज्य या वाहन चालकों पर अतिरिक्त बोझ डालने की नहीं है और इस मामले को बातचीत से सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में टोल टैक्स या एंट्री टैक्स की दरों में कोई बड़ी बढ़ोतरी नहीं की गई है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि छह टायर वाले ट्रक की फीस पहले 320 रुपये थी और अब भी उतनी ही रखी गई है। इसी तरह 10, 12 और 14 टायर वाले डबल एक्सल ट्रकों की फीस पहले 570 रुपये थी और उसमें भी कोई बदलाव नहीं किया गया है।
उन्होंने कहा कि केवल कुछ श्रेणियों में मामूली संशोधन किए गए थे। उदाहरण के तौर पर तीन एक्सल वाले वाहनों की फीस 720 रुपये से बढ़ाकर 800 रुपये की गई थी। मुख्यमंत्री के अनुसार यह श्रेणी सीमित संख्या में आने वाले भारी मशीनरी और निर्माण कार्य से जुड़े वाहनों पर लागू होती है, जिससे आम परिवहन पर ज्यादा असर नहीं पड़ता।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि पहले पैसेंजर वाहनों के लिए दो अलग-अलग श्रेणियां थीं। इनमें 5 सीटर वाहनों के लिए 70 रुपये और 6 से 12 सीटर वाहनों के लिए 110 रुपये फीस निर्धारित थी। अब इन दोनों श्रेणियों को मिलाकर एक नई श्रेणी बनाई गई है, जिसकी फीस 130 रुपये तय की गई है। उन्होंने कहा कि यदि इस बदलाव से लोगों को अधिक बोझ महसूस होता है तो सरकार इस पर पुनर्विचार करने के लिए तैयार है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

