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हिमाचल में शहरी निकाय चुनाव प्रचार थमा, 17 मई को वोटिंग

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हिमाचल में शहरी निकाय चुनाव प्रचार थमा, 17 मई को वोटिंग


शिमला, 15 मई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में चार नगर निगमों समेत 51 शहरी निकायों के चुनाव के लिए शुक्रवार शाम तीन बजे चुनाव प्रचार थम गया। इसके साथ ही रैलियों, जनसभाओं और जुलूसों पर रोक लागू हो गई है। अब 17 मई को मतदान होगा। इस बार सबसे ज्यादा नजरें सोलन, मंडी, धर्मशाला और पालमपुर नगर निगमों पर लगी हैं, जहां पार्टी चिन्हों पर चुनाव हो रहा है और भाजपा तथा कांग्रेस ने पूरी ताकत झोंक दी है।

चुनाव प्रचार के आखिरी दिन दोनों प्रमुख दलों भाजपा और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने अलग-अलग क्षेत्रों में जनसभाएं और रोड शो किए। भाजपा की ओर से नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राजीव बिंदल ने पार्टी उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार किया। वहीं कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार और राज्य मंत्रिमंडल के सभी मंत्रियों ने चुनाव प्रचार की कमान संभाली।

राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं। प्रचार समाप्त होने के बाद पोलिंग पार्टियां ईवीएम और अन्य चुनाव सामग्री के साथ मतदान केंद्रों के लिए रवाना हो गईं। मतदान कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है और मतदान केंद्रों पर सुरक्षा, बिजली, पेयजल और संचार व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

चारों नगर निगम क्षेत्रों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। संवेदनशील और अति संवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। मतदान से 48 घंटे पहले शराब के ठेकों को बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। पुलिस को बाहरी गतिविधियों और संदिग्ध लोगों पर नजर रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।

17 मई को सुबह मतदान शुरू होगा और दोपहर तीन बजे तक मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे। जिन मतदान केंद्रों पर तय समय तक मतदाताओं की लाइन लगी होगी, वहां सभी लोगों को मतदान का अवसर दिया जाएगा।

इन चुनावों में कुल 3 लाख 60 हजार 859 मतदाता वोट डाल सकेंगे। इनमें 1 लाख 80 हजार 963 पुरुष, 1 लाख 79 हजार 882 महिलाएं और 14 अन्य मतदाता शामिल हैं। 18 वर्ष आयु वर्ग के 1,808 युवा पहली बार मतदान करेंगे। चुनाव के लिए प्रदेशभर में 589 मतदान केंद्र बनाए गए हैं और करीब 15 हजार कर्मचारियों को चुनाव ड्यूटी पर लगाया गया है।

प्रदेश में चार नगर निगमों, 229 नगर परिषद और 156 नगर पंचायत पदों समेत कुल 449 पदों के लिए मतदान कराया जाएगा। इनमें अनुसूचित जाति के लिए 89, अनुसूचित जनजाति के लिए 12 और महिलाओं के लिए 195 पद आरक्षित हैं।

मतदान के बाद नगर परिषद और नगर पंचायतों की मतगणना होगी और शाम तक उनके परिणाम घोषित किए जाएंगे। वहीं चारों नगर निगमों के नतीजे 31 मई को घोषित किए जाएंगे। स्थानीय विकास, शहरी सुविधाओं और बुनियादी मुद्दों को लेकर चुनावी मुकाबला काफी रोचक माना जा रहा है। प्रचार थमने के बाद अब प्रत्याशियों का पूरा फोकस मतदाताओं से अंतिम संपर्क और मतदान प्रतिशत बढ़ाने पर रहेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा