प्रदेश सरकार गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध: रोहित ठाकुर
मंडी, 05 जुलाई (हि.स.)। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित शिक्षण संस्थानों का पुनर्निर्माण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई बिना किसी व्यवधान के जारी रह सके। इसके लिए राज्य बजट सहित अन्य मदों से चरणबद्ध ढंग से बजट आवंटित किया गया है।
रोहित ठाकुर रविवार को मंडी जिले के द्रंग विधानसभा क्षेत्र के देयोरी में विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के भवनों के लोकार्पण एवं शिलान्यास के उपरांत उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2027 तक 10 हजार से अधिक शिक्षकों एवं प्राध्यापकों की नियुक्ति का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से लगभग 8 हजार नियुक्तियां पहले ही की जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि पहली बार सरकारी विद्यालयों के 50 विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक भ्रमण पर भेजा गया है, जिससे दूरदराज क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी वैश्विक अनुभव प्राप्त हो रहा है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा और विद्यार्थियों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी तथा मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के दूरदर्शी नेतृत्व में शिक्षा क्षेत्र को और मजबूत बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समग्र शिक्षा अभियान के तहत वर्तमान सरकार ने 90 से 100 प्रतिशत तक बजट व्यय सुनिश्चित किया है। उन्होंने यह भी कहा कि हिमाचल प्रदेश ने वर्ष 2025 में 99.30 प्रतिशत साक्षरता दर हासिल कर पूर्ण साक्षर राज्यों की श्रेणी में स्थान बनाया है।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्री ने विद्यालय के लिए भूमि दान करने वाली दासी देवी (सेवानिवृत्त सेवादार) तथा उनकी पुत्रियों पुनी देवी और चिंता देवी को शॉल और टोपी पहनाकर सम्मानित किया। उन्होंने हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की दसवीं की परीक्षा में प्रदेश की टॉप-10 सूची में स्थान प्राप्त करने वाली छात्रा नेहा को भी सम्मानित किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने महिला मंडल देयोरी को 15 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की। साथ ही विद्यालय के सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले छात्र-छात्राओं के प्रत्येक समूह को 10-10 हजार रुपये देने की भी घोषणा की। कार्यक्रम के उपरांत शिक्षा मंत्री ने क्षेत्रवासियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनके शीघ्र समाधान के निर्देश दिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा

