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बालिका आश्रम सुंदरनगर में मनाया दशहरा उत्सव, बुराई पर अच्छाई की जीत का दिया संदेश

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बालिका आश्रम सुंदरनगर में मनाया दशहरा उत्सव, बुराई पर अच्छाई की जीत का दिया संदेश


मंडी, 21 अक्टूबर (हि.स.)। बालिका आश्रम सुंदरनगर में दशहरा उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में बाल विकास परियोजना अधिकारी सीडीपीओ सुंदरनगर पूनम चौहान ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने बालिकाओं को दशहरा पर्व के धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व के बारे में जानकारी दी।

पूनम चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि दशहरा भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। यह पर्व हमें सिखाता है कि जीवन में सत्य, धर्म और न्याय के मार्ग पर चलते हुए बुराइयों का सामना करना चाहिए। उन्होंने कहा कि रावण के दस सिर काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद, मत्सर, अहंकार, आलस्य, हिंसा और चोरी जैसी बुराइयों का प्रतीक माने जाते हैं। इन बुराइयों का त्याग करके ही व्यक्ति अपने जीवन में अच्छे संस्कारों को अपनाकर आगे बढ़ सकता है।

उन्होंने कहा कि दशहरा भगवान श्रीराम की विजय और उनके आदर्शों की याद दिलाता है। भगवान श्रीराम ने रावण का वध कर धर्म और न्याय की स्थापना की थी। इस पर्व से हमें सीख मिलती है कि बुराई कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंत में जीत अच्छाई की ही होती है। उन्होंने बालिकाओं को जीवन में सदाचार, नैतिक मूल्यों, एकता, भाईचारे और सकारात्मक सोच को अपनाने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि ऐसे त्योहार बच्चों में भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान बढ़ाने के साथ-साथ अच्छे संस्कार विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के दौरान दशहरा पर्व की परंपराओं और आदर्शों को याद करते हुए बालिकाओं को सत्य, सदाचार और अच्छाई के मार्ग पर चलने का संदेश दिया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा