home page

आपदा राहत: किराये को 8.97 करोड़, पुनर्निर्माण को 141.61 करोड़ जारी

 | 
आपदा राहत: किराये को 8.97 करोड़, पुनर्निर्माण को 141.61 करोड़ जारी


शिमला, 22 फ़रवरी (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2025 की भारी बारिश से प्रभावित परिवारों को राहत देने के लिए राज्य सरकार ने वित्तीय सहायता जारी की है। सरकार ने ऐसे परिवारों के लिए, जिनके मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए या रहने योग्य नहीं रहे, किराये की मदद के तौर पर 8 करोड़ 97 लाख 90 हजार रुपये जारी किए हैं।

सरकार अपने संसाधनों से शहरी क्षेत्रों में प्रति परिवार 10,000 रुपये और ग्रामीण क्षेत्रों में 5,000 रुपये किराया सहायता दे रही है। इस पहल से अब तक ग्रामीण क्षेत्रों के 2,817 परिवार और शहरी क्षेत्रों के 88 परिवार लाभान्वित हुए हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2025 में प्राकृतिक आपदाओं से प्रदेशभर में लगभग 16,488 परिवार प्रभावित हुए। इस दौरान 2,246 मकान पूरी तरह तबाह हो गए, जबकि 7,888 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा।

सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि देश में पहली बार आपदा प्रभावितों को मिलने वाले मुआवजे में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की गई है। विशेष राहत पैकेज के तहत क्षतिग्रस्त घरों के पुनर्निर्माण के लिए 141 करोड़ 61 लाख रुपये की पहली किस्त लाभार्थियों को जारी कर दी गई है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में प्राकृतिक आपदाओं से प्रदेश के लगभग सभी क्षेत्र प्रभावित हुए हैं और निजी व सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान हुआ है। अनुमान के अनुसार प्रदेश को 16,500 करोड़ रुपये से अधिक की क्षति झेलनी पड़ी है।

प्रवक्ता के अनुसार वर्ष 2023 में राज्य सरकार ने अपने संसाधनों से विशेष राहत पैकेज शुरू किया था, ताकि प्रभावित परिवारों को आवास और आजीविका से जुड़ी परेशानियों का सामना न करना पड़े। वर्ष 2025 में भी इस पैकेज को जारी रखते हुए प्रभावितों को वित्तीय सहायता दी जा रही है।

सरकार ने राहत राशि में बड़ा इजाफा करते हुए पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के लिए मुआवजा 1.30 लाख रुपये से बढ़ाकर 7 लाख रुपये कर दिया है। आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त कच्चे और पक्के मकानों के लिए सहायता राशि 1 लाख रुपये तय की गई है। घरेलू सामान के नुकसान पर पहले 2,500 रुपये मिलते थे, जिसे बढ़ाकर मकान मालिकों के लिए 1 लाख रुपये और किरायेदारों के लिए 50 हजार रुपये कर दिया गया है।

इसके अलावा अब पॉलीहाउस को हुए नुकसान पर 25 हजार रुपये और घरों से मलबा या गाद हटाने के लिए 50 हजार रुपये देने का भी प्रावधान किया गया है, जो पहले नहीं था।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा