मंडी में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति उद्यमियों के लिए हितधारक सम्मेलन आयोजित
मंडी, 30 सितंबर (हि.स.)। उद्योग विभाग, हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा मंडी में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति उद्यमियों के लिए हितधारक सम्मेलन आयोजित किया गया। जिसमें सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के प्रदर्शन को बढ़ाने एवं गति प्रदान करने संबंधी कार्यक्रम आरएएमपी के अंतर्गत स्वीकृत सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास के माध्यम से सामाजिक समावेशन पहल पर चर्चा की गई।
सम्मेलन में मंडी, कुल्लू, बिलासपुर तथा लाहौल-स्पीति जिलों के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग से जुड़े उद्यमियों तथा विभिन्न विभागों एवं संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सम्मेलन का उद्देश्य उद्यमियों को एक साझा मंच उपलब्ध करवाना तथा उनके व्यवसाय से जुड़ी आवश्यकताओं, समस्याओं और संभावित समाधानों पर संबंधित हितधारकों के साथ संवाद स्थापित करना रहा।
इस अवसर पर उद्यमियों को सरकारी योजनाओं, वित्तीय सहायता, ऋण सुविधाओं, बाजार से जुड़ाव, व्यवसाय विकास तथा क्षमता निर्माण से संबंधित विभिन्न अवसरों की जानकारी प्रदान की गई। वित्तीय संस्थानों, सरकारी विभागों, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम सहायता संस्थानों तथा उद्योग क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने उद्यमियों के साथ संवाद किया और उनके प्रश्नों एवं जिज्ञासाओं का समाधान किया। जिला उद्योग केंद्र मंडी की महाप्रबंधक नेहा चौहान ने बताया कि सम्मेलन में इस बात पर विशेष चर्चा की गई कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के उद्यमियों को उपलब्ध सरकारी सहायता एवं योजनाओं का अधिक प्रभावी ढंग से लाभ कैसे पहुंचाया जाए तथा उन्हें वित्त, बाजार और अन्य व्यावसायिक अवसरों से बेहतर तरीके से जोड़ा जा सके।
सम्मेलन में जिला कल्याण अधिकारी समीर, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विकास निगम के प्रबंधक कमल जीत, यूको बैंक के सहायक महाप्रबंधक एवं राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति प्रभारी दीपक कुमार, राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम मंडी के मुख्य प्रबंधक लोकेश भाटिया, भारतीय खाद्य निगम मंडी के प्रबंधक नरेश कुमार, जिला उद्योग केंद्र कुल्लू की प्रबंधक परवीन लता तथा जिला उद्योग केंद्र मंडी के उद्योग विस्तार अधिकारी दिलीप कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा

