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ढोल-नगाड़ों की तान पर झूमते देवताओं के साथ हुआ राज्य स्तरीय सुकेत देवता मेले का शुभारंभ

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ढोल-नगाड़ों की तान पर झूमते देवताओं के साथ हुआ राज्य स्तरीय सुकेत देवता मेले का शुभारंभ


मंडी, 23 मार्च (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष एवं नगरोटा बगवां विधानसभा क्षेत्र के विधायक रघुबीर सिंह बाली ने मंडी जिला के सुंदरनगर में राज्य स्तरीय सुकेत देवता मेले का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने शुकदेव वाटिका में देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना की तथा शुकदेव वाटिका से जवाहर पार्क तक निकाली गई भव्य शोभायात्रा में भाग लिया। इसके पश्चात जवाहर पार्क में मेले का ध्वज फहराकर मेले का औपचारिक उद्घाटन किया।

स अवसर पर जनसभा को संबोधित करते हुए आर.एस. बाली ने कहा कि प्रदेश के मेलों की समृद्ध परंपरा में रियासतकाल से मनाया जा रहा सुकेत देवता मेला विशेष स्थान रखता है। शुकदेव ऋषि की तपोस्थली में आयोजित यह मेला देव आस्था और परंपरा का प्रमुख केंद्र है। उन्होंने कहा कि मेले हमारी समृद्ध संस्कृति और सभ्यता के प्रतीक हैं, जो आपसी भाईचारे को बढ़ावा देने के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के मेले और त्योहार अपनी विशिष्टता के लिए जाने जाते हैं और राज्य की सांस्कृतिक धरोहर को संजोए हुए हैं। सुकेत देवता मेला प्राचीन काल से मनाया जा रहा है, जिसमें सुकेत रियासत के विभिन्न देवी-देवता भाग लेते हैं। इस बार 180 वर्षों के बाद उपमंडल करसोग के महोग क्षेत्र से गढ़पति नाग चवासी सिद्ध पैदल सफर तय कर मेले में पधारे हैं।

आर.एस. बाली ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू एवं प्रदेश सरकार की ओर से शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देवी-देवताओं के साथ हजारों श्रद्धालुओं की भागीदारी हिमाचल की परंपरा और संस्कृति को सशक्त बना रही है। उन्होंने कहा कि इन परंपराओं को भावी पीढ़ियों के लिए संरक्षित रखना आवश्यक है, क्योंकि यही हमारी पहचान का आधार हैं। उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश में वर्षभर उत्सव और त्योहार पूरे उत्साह के साथ मनाए जाते हैं, जो हमारी आस्था, मूल्यों और आकांक्षाओं को अभिव्यक्त करते हैं। मेले और त्योहार समाज में नई ऊर्जा का संचार करते हैं और सभी को इनमें सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यह मेला बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों को हिमाचल की देव संस्कृति से परिचित कराएगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी सुदृढ़ करेगा। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि आज भी इस मेले में पुरातन परंपराओं का निर्वहन किया जा रहा है। इस अवसर पर उन्होंने सुकेत सर्व देवता कमेटी को 51 हजार रुपये देने की घोषणा भी की।

उन्होंने बताया कि हिमाचल सरकार द्वारा पर्यटन विभाग के बंद हो चुके होटलों को पुनः शुरू करने का कार्य किया जा रहा है। साथ ही शिव धाम मंडी को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जा रहा है, जिसके लिए 33 करोड़ रुपए का टेंडर जारी किया जा चुका है और कार्य प्रगति पर है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा