यूजीसी के काले कानू’ का राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी ने किया विरोध, स्वर्ण समाज के साथ अन्याय का लगाया आरोप
नाहन, 09 मार्च (हि.स.)। राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रुमित सिंह ठाकुर ने कहा कि उनकी पार्टी हिमाचल प्रदेश की एकमात्र पार्टी है जो यूजीसी के कथित काले कानून का विरोध कर रही है। सोमवार को नाहन में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि इस कानून के लागू होने के बाद स्वर्ण समाज के कई परिवार अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने में असमर्थ हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में यदि स्वर्ण समाज के विद्यार्थियों के साथ अभद्र व्यवहार होता है, तो उनके पास शिकायत करने का भी प्रभावी अवसर नहीं रहेगा। ठाकुर के अनुसार, ऐसे मामलों में बिना पूरी बात सुने ही छात्रों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई किए जाने की आशंका बनी रहेगी।
रुमित ठाकुर ने दिल्ली में हुए घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि रविवार को केंद्र सरकार ने तानाशाही रवैया दिखाया। उनके मुताबिक पहले स्वर्ण समाज के लोगों को जंतर मंतर और रामलीला मैदान में प्रदर्शन की अनुमति दी गई थी, लेकिन शनिवार रात को अचानक यह अनुमति रद्द कर दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि जब प्रदर्शनकारी इन स्थानों पर पहुंचे तो दोनों जगहों को छावनी में तब्दील कर दिया गया और कई लोगों को हिरासत में ले लिया गया।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में जिस तरह से पुलिस ने स्वर्ण समाज के पदाधिकारियों के साथ कथित तौर पर सख्ती बरती, उसका जवाब जनता आगामी चुनावों में देगी। ठाकुर ने कहा कि स्वर्ण समाज के लोगों ने भाजपा को सत्ता तक पहुंचाया, लेकिन अब वही सरकार यूजीसी बिल लाकर उनके बच्चों के भविष्य पर असर डालने का काम कर रही है।
उन्होंने भाजपा और कांग्रेस दोनों पर समाज को बांटने की राजनीति करने का आरोप भी लगाया।
हिन्दुस्थान समाचार / जितेंद्र ठाकुर

