दिल्ली रैली में हिमाचल से 10 से 15 हजार कार्यकर्ताओं को जुटाने का लक्ष्य
शिमला, 30 अक्टूबर (हि.स.)। दिल्ली के रामलीला मैदान में एक नवंबर को होने वाली कांग्रेस की महारैली के लिए हिमाचल प्रदेश में तैयारियां तेज हो गई हैं। पार्टी ने इस रैली में प्रदेश से 10 से 15 हजार कार्यकर्ताओं को शामिल करने का लक्ष्य रखा है। कार्यकर्ताओं को दिल्ली पहुंचाने के लिए करीब 200 सरकारी और निजी बसों के साथ 500 से अधिक छोटी-बड़ी गाड़ियों का इंतजाम किया गया है। कांग्रेस का कहना है कि यह रैली वोट चोरी के आरोपों, चुनाव आयोग की निष्पक्षता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली के विरोध में आयोजित की जा रही है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार ने शुक्रवार को कहा कि यह लड़ाई लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की है। राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी इस मुद्दे पर देशभर में आवाज उठा रही है। उन्होंने बताया कि महारैली में महिलाओं, युवाओं, एनएसयूआई, कांग्रेस सेवादल, विभिन्न अग्रिम संगठनों और आम कार्यकर्ताओं की भागीदारी रहेगी। पार्टी की कोशिश है कि प्रदेश के सभी क्षेत्रों से कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचें।
विनय कुमार ने भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि जब भी कांग्रेस वोट चोरी के मुद्दे पर चुनाव आयोग से जवाब मांगती है तो भाजपा उसकी ओर से जवाब देने लगती है। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग ने भाजपा के इशारे पर 13 करोड़ वोट काटे हैं और मतदाता सूची में बदलाव के जरिए चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित किया गया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और संविधान से मिले अधिकारों की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण आंदोलन करना कांग्रेस का अधिकार है।
वहीं, मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने केंद्र सरकार पर महारैली में लोगों की भागीदारी रोकने के लिए दबाव बनाने और बाधाएं पैदा करने का आरोप लगाया। शिमला में मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि देशभर से लाखों लोग रामलीला मैदान पहुंचेंगे। हिमाचल से भी 10 से 15 हजार लोगों को दिल्ली ले जाने का लक्ष्य है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से कम से कम 200 लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने की योजना बनाई गई है। उन्होंने बताया कि कार्यकर्ता एचआरटीसी, निजी बसों और छोटी गाड़ियों से दिल्ली जाएंगे। परिवहन और खर्च की चुनौती के बावजूद लोगों में रैली को लेकर उत्साह है और शुरुआती जानकारी के अनुसार निर्धारित लक्ष्य से अधिक लोग जाने की इच्छा जता रहे हैं।
चौहान ने आरोप लगाया कि दिल्ली में रैली में शामिल होने वाले लोगों को रोकने के लिए पुलिस बल के इस्तेमाल और परिवहन व्यवस्था में बाधाएं पैदा करने जैसे प्रयास किए जा रहे हैं। व्यापारियों और आम लोगों के बीच डर का माहौल बनाने की कोशिश भी हो रही है। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों के बावजूद रैली शांतिपूर्ण ढंग से होगी और बड़ी संख्या में लोग इसमें शामिल होंगे।
भाजपा की ओर से कांग्रेस के खिलाफ प्रस्तावित पदयात्रा और अराजकता फैलाने के आरोपों पर भी चौहान ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा सत्ता में है और उसे जनता ने देश की सेवा करने का जनादेश दिया है। विपक्ष का काम जनता के मुद्दे उठाना और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना है। उन्होंने सवाल किया कि भाजपा खुद सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करती है तो कांग्रेस के आंदोलन पर आपत्ति क्यों जताई जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

