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हिमाचल में बेटियों की पैतृक संपत्ति में हिस्सेदारी सिर्फ एक फीसदी, कांगड़ा की 10 पंचायतों के अध्ययन में खुलासा

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हिमाचल में बेटियों की पैतृक संपत्ति में हिस्सेदारी सिर्फ एक फीसदी, कांगड़ा की 10 पंचायतों के अध्ययन में खुलासा


शिमला, 31 अक्टूबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में महिलाओं के कानूनी अधिकारों और जमीन-जायदाद में उनकी वास्तविक हिस्सेदारी के बीच बड़ा अंतर सामने आया है। कांगड़ा जिले की 10 ग्राम पंचायतों में किए गए एक अध्ययन के अनुसार परिवार की पैतृक संपत्ति में बेटियों की हिस्सेदारी महज एक प्रतिशत है। वहीं, 76 प्रतिशत मकान पुरुषों के नाम पर दर्ज हैं और महिलाओं के नाम संपत्ति का हिस्सा केवल 18 प्रतिशत है। पर्वतीय महिला विकास ट्रस्ट (पीएमवीटी) की ओर से किए गए इस अध्ययन में 302 लोगों को शामिल किया गया, जिनमें 73 प्रतिशत महिलाएं थीं। राजधानी शिमला के सांगटी स्थित एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव स्टाफ ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में शनिवार को आयोजित राज्य स्तरीय बैठक में अध्ययन की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।

रिपोर्ट के अनुसार 32 प्रतिशत प्रतिभागियों ने बेटों को पैतृक संपत्ति का प्राथमिक उत्तराधिकारी माना। वहीं, 67 प्रतिशत प्रतिभागियों को जमीन से जुड़े दस्तावेज समझने में कठिनाई होती है और 96 प्रतिशत महिलाओं ने भूमि अधिकारों से संबंधित जागरूकता शिविर में कभी हिस्सा नहीं लिया। प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों में 175 पुरुषों के मुकाबले केवल 27 महिलाएं दर्ज थीं। अध्ययन में प्राकृतिक आपदाओं का असर भी सामने आया। 44 लोगों ने भूस्खलन का सामना किया, 43 ने खेती छोड़ दी और 26 परिवारों ने अपना मकान या जमीन खो दी।

हिमाचल प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विद्या नेगी ने ऑनलाइन माध्यम से बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि कानूनी अधिकार होने के बावजूद ग्रामीण महिलाओं को जमीन और संपत्ति में उनका पूरा हक नहीं मिल रहा है। उन्होंने राजस्व विभाग से सटीक आंकड़े जुटाने और पंचायत स्तर पर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता बताई। पर्वतीय महिला विकास ट्रस्ट की विमला विश्वप्रेमी ने कहा कि जमीन और संपत्ति में बराबरी का हिस्सा महिलाओं की मांग नहीं, उनका अधिकार है। महिलाओं का सशक्तिकरण तभी संभव है, जब उन्हें संपत्ति में वास्तविक अधिकार मिले।

बैठक में विशेषज्ञों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भूमि दस्तावेजों की जानकारी सरल बनाने, विधवा और एकल महिलाओं के संपत्ति अधिकार सुरक्षित करने तथा बेटियों को पैतृक संपत्ति में बराबरी दिलाने पर चर्चा की।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा