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दलाई लामा के 91वें जन्मदिवस पर छोटा शिमला में हुआ समारोह, विक्रमादित्य सिंह ने युवाओं को दिए नैतिक मूल्यों और पर्यावरण संरक्षण के संदेश

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दलाई लामा के 91वें जन्मदिवस पर छोटा शिमला में हुआ समारोह, विक्रमादित्य सिंह ने युवाओं को दिए नैतिक मूल्यों और पर्यावरण संरक्षण के संदेश


शिमला, 06 जुलाई (हि.स.)। दलाई लामा के 91वें जन्मदिवस के अवसर पर सोमवार को छोटा शिमला स्थित तिब्बतन स्कूल परिसर में भव्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह की शुरुआत सामूहिक प्रार्थना, दीप प्रज्ज्वलन और दलाई लामा के चित्र पर पारंपरिक धार्मिक अर्पण के साथ हुई। इसके बाद जन्मदिवस का केक काटकर उनकी दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की गई।

अपने संबोधन में विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि समाज में बढ़ते अपराध, महिलाओं के विरुद्ध हिंसा, युवाओं में नशे की प्रवृत्ति और सोशल मीडिया के दुरुपयोग जैसी चुनौतियां गंभीर चिंता का विषय हैं। उन्होंने शिक्षकों और अभिभावकों से विद्यार्थियों को साइबर जागरूकता, नैतिक मूल्यों और सही-गलत की पहचान के प्रति लगातार जागरूक करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य और व्यक्तित्व विकास को भी शिक्षा का अभिन्न हिस्सा बनाया जाना चाहिए।

मंत्री ने पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर देते हुए कहा कि विकास और प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखना समय की आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों में पौधारोपण, वन संरक्षण और पारिस्थितिकी के प्रति जागरूकता बढ़ाने की अपील की।

विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि दलाई लामा की उपस्थिति ने हिमाचल प्रदेश, विशेषकर धर्मशाला, को वैश्विक पहचान दिलाई है। उन्होंने कहा कि भारत द्वारा दलाई लामा को शरण देना मानवता और भारतीय संस्कृति की उदार परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने अपने दिवंगत पिता एवं पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और दलाई लामा के आत्मीय संबंधों का भी स्मरण किया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ने मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया, हेपेटाइटिस-बी स्क्रीनिंग अभियान का शुभारंभ किया तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले दलों के लिए 31 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि की घोषणा की। समारोह में तिब्बती समुदाय, विद्यार्थियों, गणमान्य व्यक्तियों और स्थानीय लोगों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील शुक्ला