इज़राइल–ईरान तनाव पर केंद्र की चुप्पी चिंताजनक: विनय कुमार
शिमला, 03 मार्च (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने इज़राइल–ईरान युद्ध काे लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर ह राजनीतिक प्रहार किया। विनय कुमार कहा कि इज़राइल–ईरान युद्ध क्षेत्र में फंसे भारतीय नागरिकों, विशेषकर खाड़ी देशों में कार्यरत लाखों भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करना केंद्र सरकार की पहली और सर्वोच्च जिम्मेदारी है।
कांग्रेस नेता विनय कुमार ने मंगलवार को एक बयान जार कर कहा कि लगातार बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी परिस्थितियों के बीच केंद्र सरकार की चुप्पी और निष्क्रियता बेहद चिंताजनक है। खाड़ी देशों में रह रहे भारतीय देश की आर्थिक रीढ़ हैं, जिनकी मेहनत से अरबों रुपये भारत आते हैं। ऐसे समय में प्रवासी भारतीयों को असुरक्षित छोड़ना उचित नहीं है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने मांग की कि केंद्र सरकार अपने सभी दूतावासों को हाई अलर्ट पर रखे और स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करे, ताकि प्रत्येक भारतीय नागरिक को सुरक्षा, आश्रय, भोजन, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सहायता तत्काल उपलब्ध हो सके। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विदेश नीति के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जब भारतीयों की सुरक्षा का प्रश्न सामने आता है तो ठोस तैयारी नजर नहीं आती। यह समय बयानबाजी का नहीं, बल्कि त्वरित और प्रभावी कदम उठाने का है।
विनय कुमार ने विशेष चिंता जताते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश के 50 हजार से अधिक लोग युद्ध प्रभावित खाड़ी देशों में कार्यरत हैं और उनके परिवारजन उनकी सुरक्षित वापसी को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री से मांग की कि विशेष विमानों और सुरक्षित कॉरिडोर के माध्यम से बड़े स्तर पर बचाव अभियान शुरू किया जाए। साथ ही दूतावासों में 24 घंटे सक्रिय हेल्पलाइन, युद्धकालीन बैकअप टीमें और राहत केंद्र स्थापित किए जाएं।
उन्होंने कहा कि हिमाचल सहित सभी राज्यों के नागरिकों का डेटा एकत्र कर परिजनों को नियमित रूप से सूचित रखा जाए। भारतीयों की सुरक्षा के मुद्दे पर किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील शुक्ला

