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मुख्यमंत्री सुक्खू के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार रिपीट कर बनाएगी इतिहास : केवल सिंह पठानिया

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शिमला, 13 अक्टूबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार दोबारा सत्ता में लौटकर इतिहास बनाएगी। भाजपा को प्रदेश में सत्ता में वापसी का सपना छोड़ देना चाहिए। यह दावा हिमाचल प्रदेश सरकार के डिप्टी चीफ व्हिप केवल सिंह पठानिया ने किया है। दिल्ली में कांग्रेस और इंडी गठबंधन के सुप्रीम कोर्ट मार्च में शामिल होकर लौटे पठानिया ने मंगलवार को शिमला में केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया, आपदा राहत राशि, स्वास्थ्य सुविधाओं और हिमाचल से जुड़ी विकास परियोजनाओं को लेकर केंद्र सरकार से जवाब मांगा।

पठानिया ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने केंद्र सरकार के संरक्षण में 13 करोड़ लोगों के नाम मतदाता सूची से काटे हैं। उन्होंने इसे लोकतंत्र की हत्या करार दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी पिछले दो वर्षों से चुनाव आयोग और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं। जब चुनाव प्रक्रिया को लेकर लोगों के मन में शंकाएं हैं, तो ईवीएम के माध्यम से चुनाव कराने के बजाय बैलेट पेपर से मतदान कराया जाना चाहिए। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की। पठानिया ने दावा किया कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर देशभर में लोगों का आक्रोश बढ़ रहा है और इससे भाजपा घबराई हुई है।

भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर की ओर से हिमाचल भवन को लेकर लगाए गए आरोपों पर पठानिया ने कहा कि दिल्ली में स्थित विभिन्न राज्यों के भवनों में संबंधित राज्यों के लोग ठहरते हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन के प्रदर्शन में शामिल होने आए लोग केंद्र सरकार से अनुमति मिलने के बाद हिमाचल भवन के आसपास ठहरे थे।

आपदा राहत राशि पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के हिमाचल दौरे पर टिप्पणी करते हुए पठानिया ने कहा कि केंद्र सरकार को प्रदेश में आपदा के दौरान दी गई आर्थिक सहायता पर श्वेत पत्र जारी करना चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र से मिला पैकेज हिमाचल प्रदेश का हक था। उनके अनुसार, सड़कों और पेयजल से जुड़ी जरूरतों के लिए कोई नई अतिरिक्त राशि नहीं मिली। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1,500 करोड़ रुपये देने की बात कही थी, तो इस राशि के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) की जरूरत क्यों पड़ी।

पठानिया ने नड्डा पर हिमाचल प्रदेश के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र में कोई बड़ी परियोजना नहीं ला पाने का आरोप लगाया। उन्होंने नड्डा से राज्य के लिए राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बहाल करवाने की मांग भी की।

किशाऊ बांध परियोजना का जिक्र करते हुए पठानिया ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने अपने पांच साल के कार्यकाल में इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश का पक्ष रखा है और इससे राज्य को 1,200 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा