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नीट पेपर लीक मामले में केंद्र सरकार नैतिक जिम्मेदारी निभाने में विफल : कुलदीप सिंह राठौर

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शिमला, 24 जुलाई (हि.स.)। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता एवं ठियोग के विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने केंद्र की मोदी सरकार पर नीट पेपर लीक मामले में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार अपनी नैतिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले की निष्पक्ष जांच के बजाय केवल लीपापोती की जा रही है और लोकतंत्र में युवाओं के साथ-साथ विपक्ष की आवाज को भी दबाने का प्रयास हो रहा है।

प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए राठौर ने कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ हुई पुलिस कार्रवाई यह दर्शाती है कि केंद्र सरकार को देश के युवाओं और छात्रों के भविष्य की कोई चिंता नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देर रात सोशल मीडिया पर जारी संदेश से उम्मीद थी कि वह छात्रों के हित में कोई बड़ा निर्णय या ठोस घोषणा करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उनके अनुसार प्रधानमंत्री ने केवल नीट पेपर लीक मामलों की शीघ्र सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की बात कही, जबकि आंदोलन के दौरान घायल हुए छात्रों और पुलिस कार्रवाई पर कोई संवेदना व्यक्त नहीं की।

राठौर ने कहा कि प्रधानमंत्री को संसद में इस पूरे मामले पर स्पष्ट बयान देना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लंबे समय तक इस मुद्दे पर मौन रही और जब आंदोलन देशभर में तेज हुआ, तब प्रतिक्रिया दी गई। उन्होंने कहा कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों से प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं और युवाओं का भरोसा परीक्षा प्रणाली से उठता जा रहा है।

उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और कांग्रेस सांसद लगातार छात्रों की आवाज उठा रहे हैं तथा कांग्रेस इस आंदोलन में युवाओं के साथ मजबूती से खड़ी है। राठौर ने कहा कि यह किसी राजनीतिक दल का आंदोलन नहीं, बल्कि देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय है।

कुलदीप सिंह राठौर ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री को पद से हटाने, छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा आंदोलनरत युवाओं पर दर्ज सभी मामलों को वापस लेने की मांग की।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील शुक्ला