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धर्मशाला, सोलन और मंडी नगर निगमों में हार के कारण तलाशेगी कांग्रेस, तीनो शहरों के लिए बनाई फैक्ट फाइंडिंग कमेटियां

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धर्मशाला, सोलन और मंडी नगर निगमों में हार के कारण तलाशेगी कांग्रेस, तीनो शहरों के लिए बनाई फैक्ट फाइंडिंग कमेटियां


शिमला, 02 जून (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में हाल ही में हुए नगर निगम चुनावों में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस ने चुनावी नतीजों की समीक्षा शुरू कर दी है। पार्टी ने धर्मशाला, मंडी और सोलन नगर निगम चुनावों के परिणामों की पड़ताल के लिए तीन अलग-अलग फैक्ट फाइंडिंग कमेटियों का गठन किया है। इन कमेटियों को एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कमेटी को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संगठन महासचिव विनोद जिंटा की ओर से मंगलवार को जारी आदेश के अनुसार समितियां चुनाव परिणामों से जुड़े सभी पहलुओं की समीक्षा करेंगी। इसके अलावा वे स्थानीय नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं से बातचीत कर चुनावी नतीजों को प्रभावित करने वाले कारणों का पता लगाएंगी।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की ओर से गठित समितियों में धर्मशाला नगर निगम के लिए पार्टी उपाध्यक्ष करण सिंह पठानिया को संयोजक बनाया गया है। उनके साथ महासचिव अमित भरमौरी, यशवंत खन्ना और मनमोहन कटोच को सदस्य नियुक्त किया गया है।

मंडी नगर निगम की समीक्षा के लिए पार्टी उपाध्यक्ष चेत राम ठाकुर को संयोजक बनाया गया है। समिति में महासचिव पवन ठाकुर, हरिकृष्ण हिमराल और सत्यजीत नेगी को सदस्य के तौर पर शामिल किया गया है।

वहीं सोलन नगर निगम चुनाव की समीक्षा के लिए पार्टी उपाध्यक्ष अमित नंदा को संयोजक नियुक्त किया गया है। उनके साथ महासचिव चंद्रशेखर शर्मा, यशपाल तनिक औऱ धर्मेंद्र धामी सदस्य रहेंगे।

दरअसल, हाल ही में संपन्न चार नगर निगमों के चुनाव कांग्रेस के लिए बड़ा झटका साबित हुए थे। पार्टी को धर्मशाला, मंडी और सोलन नगर निगम में हार का सामना करना पड़ा, जबकि भाजपा ने इन तीनों नगर निगमों में जीत दर्ज की। कांग्रेस केवल पालमपुर नगर निगम में जीत हासिल कर अपनी साख बचाने में सफल रही। ये चुनाव पार्टी चिन्हों पर लड़े गए थे, इसलिए इनके नतीजों को प्रदेश की राजनीति में अहम माना जा रहा है।

इन चुनावों की एक खास बात यह भी रही कि कांग्रेस ने चारों नगर निगमों में अपने वरिष्ठ मंत्रियों और प्रभावशाली विधायकों को चुनावी जिम्मेदारी सौंपी थी। हालांकि पालमपुर में मंत्री राजेश धर्माणी और स्थानीय विधायक के नेतृत्व में कांग्रेस को सफलता मिली, लेकिन अन्य तीन नगर निगमों में पार्टी के मंत्रियों और नेताओं का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा