home page

सरदार पटेल विश्वविद्यालय, शिवधाम और मंडी एयरपोर्ट को बंद करने की साजिश कांग्रेस ने रची : राकेश जमवाल

 | 
सरदार पटेल विश्वविद्यालय, शिवधाम और मंडी एयरपोर्ट को बंद करने की साजिश कांग्रेस ने रची : राकेश जमवाल


मंडी, 14 मई (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी ने वीरवार को मंडी नगर निगम चुनावों के तहत कांग्रेस सरकार के खिलाफ विस्तृत आरोप पत्र जारी किया। भाजपा प्रदेश मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक राकेश जमवाल ने आरोप पत्र जारी करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में मंडी की जनता को केवल उपेक्षा, अव्यवस्था, भ्रष्टाचार और विकास कार्यों की बंदी का सामना करना पड़ा है।

उन्होंने कहा कि भाजपा जनता के सामने कांग्रेस सरकार के ढाई वर्षों के कुशासन का पूरा सच लेकर आई है। राकेश जमवाल ने कहा कि मंडी के प्रति कांग्रेस सरकार का रवैया हमेशा सौतेला रहा है और वर्ष 2025 की आपदा के दौरान यह पूरी तरह उजागर हो गया। उन्होंने कहा कि 14 लोगों की मृत्यु, 31 लोगों के लापता होने और 150 से अधिक घरों के क्षतिग्रस्त होने जैसी गंभीर परिस्थितियों के बावजूद संबंधित मंत्री 25 दिनों तक प्रभावित क्षेत्रों का दौरा तक करने नहीं पहुंचे।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 और 2025 में मंडी शहर गंभीर पेयजल संकट से जूझता रहा। लगभग 35 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुईं और 75 प्रतिशत जल स्रोत सूख गए, लेकिन कांग्रेस सरकार कोई स्थायी समाधान नहीं दे सकी। उहल नदी और मध्याणी नाला की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण बिजणी, टारना, जेल रोड, सौली खड्ड, रामनगर, पुरानी मंडी, भ्यूली और अन्य क्षेत्रों में कई दिनों तक पानी की सप्लाई बंद रही।

राकेश जमवाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने जानबूझकर मंडी नगर निगम के विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न की और कर्मचारियों की भारी कमी बनाए रखी, जिसके कारण करोड़ों रुपए का फंड बिना उपयोग के वापस लौट गया।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार नहीं चाहती कि मंडी नगर निगम प्रभावी तरीके से कार्य करे।

उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार द्वारा शुरू किए गए शिव धाम प्रोजेक्ट को कांग्रेस सरकार ने रोक दिया, जबकि इस परियोजना के लिए 250 करोड़ रूपए की राशि स्वीकृत की गई थी। भाजपा सरकार इस परियोजना के माध्यम से मंडी को पर्यटन का बड़ा केंद्र बनाना चाहती थी, जिससे युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होते।

राकेश जमवाल ने कहा कि मंडी एयरपोर्ट के लिए पूर्व भाजपा सरकार ने केंद्र से 1000 करोड़ रूपए की राशि स्वीकृत करवाई थी, लेकिन सत्ता में आते ही कांग्रेस सरकार ने इस परियोजना को भी बंद कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने विकास परियोजनाओं को रोकने का काम किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों को टालने के लिए प्रशासनिक हथकंडे अपनाती रही। आपदा प्रबंधन अधिनियम तक का दुरुपयोग किया गया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि कांग्रेस स्थानीय लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करना चाहती है।

राकेश जमवाल ने कहा कि मंडी जिले की सड़क और संपर्क व्यवस्था कांग्रेस सरकार की विफलता का सबसे बड़ा उदाहरण है। वर्ष 2023 की बाढ़ में कुन का तार पुल ढह गया, लेकिन लंबे समय तक उसका पुनर्निर्माण नहीं किया गया। सुकेती खड्ड पुल की मरम्मत में भी देरी की गई, जिसके कारण लोगों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों को रोजाना कई किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ी।

राकेश जमवाल ने कहा कि मंडी में जल शक्ति विभाग में भ्रष्टाचार चरम पर है। सतर्कता विभाग द्वारा बागी डिवीजन कार्यालय में छापेमारी कर लगभग 1398 निविदाओं से संबंधित रिकॉर्ड जब्त किए गए, जिससे टेंडर प्रक्रिया में बड़े स्तर पर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ।

उन्होंने कहा कि अगर किसी सरकार ने मंडी और सरदार पटेल विश्वविद्यालय को कमजोर करने और खत्म करने की साजिश रची है तो वह वर्तमान कांग्रेस सरकार है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा