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कॉलेज शिक्षकों और कर्मचारियों की लंबित एसीआर रिपोर्ट तलब, प्राचार्यों को निगरानी के निर्देश

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शिमला, 01 जुलाई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश उच्च शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सभी सरकारी डिग्री और संस्कृत कॉलेजों से शिक्षकों तथा गैर-शिक्षण कर्मचारियों की लंबित वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) तत्काल भेजने के निर्देश जारी किए हैं। निदेशालय ने इस मामले में सभी कॉलेज प्राचार्यों को व्यक्तिगत स्तर पर निगरानी करने और लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित करने को कहा है।

उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी आदेशों में कहा गया है कि कई बार निर्देश जारी किए जाने के बावजूद विभिन्न कॉलेजों से कर्मचारियों की एसीआर निर्धारित समय सीमा के भीतर प्राप्त नहीं हो रही हैं। रिकॉर्ड की समीक्षा के दौरान यह सामने आया है कि अनेक शिक्षकों और कर्मचारियों की एसीआर अभी भी लंबित है, जिससे सेवा अभिलेखों के रखरखाव और प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर असर पड़ रहा है।

निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि शिक्षण स्टाफ की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट प्रत्येक वर्ष 30 सितंबर तक पूरी कर निदेशालय को भेजी जानी चाहिए। इसी प्रकार गैर-शिक्षण कर्मचारियों की एसीआर 30 अप्रैल तक जमा करवाना आवश्यक है। इसके बावजूद कई संस्थानों में यह प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं हो रही है, जिस पर निदेशालय ने गंभीर चिंता व्यक्त की है।

आदेशों में सभी प्राचार्यों से कहा गया है कि वे अपने संस्थान में लंबित एसीआर मामलों की स्वयं समीक्षा करें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी रिपोर्ट लंबित न रहे। साथ ही संबंधित कर्मचारियों की पूरी जानकारी भी निदेशालय को उपलब्ध करवाई जाए। इस संबंध में प्रत्येक कर्मचारी वर्ग के लिए अलग-अलग पत्र भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं।

उच्च शिक्षा निदेशालय ने यह भी कहा है कि यदि किसी कर्मचारी की पिछले वर्षों की एसीआर अभी तक जमा नहीं हुई है तो उसे भी तत्काल पूरा कर निदेशालय को भेजा जाए। विभाग का मानना है कि सभी कर्मचारियों के सेवा अभिलेख अद्यतन होना प्रशासनिक कार्यों, पदोन्नति, सेवा मूल्यांकन और अन्य विभागीय प्रक्रियाओं के लिए आवश्यक है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा