आपदा में भाजपा करती रही विस सत्र बुलाने की मांग, सरकार प्रभावित परिवारों की मदद में जुटी रही: सुखविंद्र सिंह
मंडी, 06 मार्च (हि.स.)। भाजपा को हिमाचल विरोधी करार देते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू शुक्रवार को नाचन में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में आपदा के दौरान भाजपा बार-बार विधानसभा सत्र बुलाने की मांग करते थे, जबकि पूरी कांग्रेस सरकार प्रभावित परिवारों की मदद में जुटी थी। लेकिन जब हिमाचल प्रदेश को केंद्र सरकार से विशेष राहत पैकेज दिलाने का प्रस्ताव आया तो भाजपा विधायक नारे लगाते हुए विधानसभा से बाहर चले गए।
उन्होंने कहा कि मैं आम आदमी का दर्द जानता हूं। इसलिए आपदा प्रभावितों की मदद के लिए नियमों में संशोधन कर आशातीत वृद्धि की। वर्ष 2023 में पूरा घर नष्ट होने पर सात लाख रुपये दिए गए, जबकि इस वर्ष 8 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी। आरडीजी पर भी राज्य सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई, लेकिन वहां भी हिमाचल के अधिकारों के लिए भाजपा साथ नहीं खड़ी हुई। उन्होंने कहा कि अगर हिमाचल प्रदेश को उसके अधिकार दे दिए जाएं तो हमें किसी से कुछ भी मांगने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा आज पांच गुटों में बंटी है।
उन्होंने कहा कि नाचन के विधायक विनोद कुमार को भी भाजपा के बाकी चार गुटों से खतरा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए सरकार ने आपदा में प्रभावित हॉर्टिकल्चर कॉलेज थुनाग को चैलचौक शिफ्ट करने की बात की तो नेता विपक्ष ने नाचन का विरोध किया। उन्होंने कहा ‘जयराम तब मंडी भूल गए और उन्हें सराज याद आ गया।
सुक्खू ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार ने चुनावी लाभ के लिए 5000 करोड़ रुपए की रेवड़ियां बांट दी। चुनाव से छह महीने पहले पूरे प्रदेश में अनेकों संस्थान खोल दिए। स्कूलों और स्वास्थ्य संस्थानों को स्तरोन्नत किया गया, जिसके लिए स्टाफ का कोई प्रावधान नहीं किया गया। दूसरे संस्थान से स्टाफ ट्रांसफर किए गए जिससे दोनों संस्थानों के शिक्षा स्तर में गिरावट आई। उन्होंने कहा कि पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में गुणात्मक शिक्षा के मामले में राज्य देश भर में 21वें स्थान पर पहुंच गया। भाजपा सरकार के कार्यकाल में शिक्षकों की भर्ती नहीं हुई।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा

