home page

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता: मुख्यमंत्री सुक्खू

 | 
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता: मुख्यमंत्री सुक्खू


शिमला, 02 अक्टूबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के बाद सभी क्षेत्रों का समान और संतुलित विकास सुनिश्चित किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की आय बढ़ाना और पैसा सीधे गांवों की अर्थव्यवस्था में पहुंचाना है। इसी उद्देश्य से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री शुक्रवार को रामपुर में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में उनकी सरकार बनने के समय दूध का खरीद मूल्य 32 रुपये प्रति लीटर था, जिसे अब बढ़ाकर करीब दोगुना किया गया है। इससे किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ी है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों और बागवानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए लगातार कदम उठा रही है। मंडी मध्यस्थता योजना के तहत सेब के खरीद मूल्य में भी एक रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की गई है। अब सेब 12 रुपये के बजाय 13 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदा जाएगा। इससे सेब बागवानों को सीधा लाभ मिलेगा।

सुक्खू ने कहा कि टिक्कर-जरोल-गाहन सड़क के निर्माण के लिए राज्य सरकार ने 36 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इस सड़क के निर्माण से क्षेत्र के सेब बागवानों को अपनी उपज मंडियों तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों को सड़क निर्माण में गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखना जरूरी है और निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार किए जाने चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने हाल ही में किशाऊ बांध परियोजना में हिमाचल प्रदेश के हितों की बड़ी जीत सुनिश्चित की है। परियोजना के निर्माण के बाद हिमाचल प्रदेश को हर साल करीब 1,200 से 1,500 करोड़ रुपये का लाभ मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि सरकार के खजाने में पर्याप्त राजस्व आने से प्रदेश में बेहतर स्कूल, स्वास्थ्य संस्थान और अन्य जरूरी सुविधाएं विकसित की जा सकेंगी। सरकार प्रदेश के विकास के लिए उपलब्ध संसाधनों का उपयोग लोगों को बेहतर सुविधाएं देने में करेगी।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा