जॉब ट्रेनी डॉक्टरों को पीजी करने की मिलेगी अनुमति, नियुक्ति तिथि से मिलेंगे जीडीओ के लाभ : मुख्यमंत्री
शिमला, 28 अक्टूबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने जॉब ट्रेनी चिकित्सा अधिकारियों को बड़ी राहत देते हुए उन्हें स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रम करने की अनुमति देने के लिए पीजी/एसएस नीति में आवश्यक संशोधन करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, इन चिकित्सकों को नियुक्ति की तिथि से जनरल ड्यूटी ऑफिसर (जीडीओ) के सभी लाभ प्रदान किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री बुधवार को यहां नवनियुक्त चिकित्सा अधिकारियों और सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सा अधिकारियों के साथ संवाद कर रहे थे। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को चिकित्सा अधिकारियों की सेवा शर्तों में स्पष्टता लाने और चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जॉब ट्रेनी डॉक्टरों को इन-सर्विस जीडीओ के लिए आरक्षित 66.6 प्रतिशत कोटे के तहत एमडी, एमएस और एमडीएस सहित स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम करने की सुविधा प्रदान की जाएगी। पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद उन्हें नियुक्ति अवधि की शेष अवधि जॉब ट्रेनी के रूप में सेवाएं देनी होंगी। इस दौरान वेतन और अन्य लाभों के लिए भी उचित प्रावधान किए जाएंगे।
उन्होंने पीजीआई चंडीगढ़ और एम्स नई दिल्ली से पीजी करने वाले चिकित्सकों को प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में सीनियर रेजिडेंट और ट्यूटर स्पेशलिस्ट के रिक्त पदों पर नियुक्त करने के निर्देश दिए। इन पदों पर चयन एमबीबीएस और पीजी परीक्षाओं में प्राप्त अंकों की मेरिट के आधार पर होगा। इसके लिए लिखित परीक्षा या साक्षात्कार नहीं लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने आईजीएमसी शिमला और डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा में जेरियाट्रिक मेडिसिन विभाग खोलने की घोषणा भी की। उन्होंने जॉब ट्रेनी डॉक्टरों को नियमितीकरण के लिए दोबारा परीक्षा से छूट देने के मामले पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य के चार चिकित्सा संस्थानों में रोबोटिक सर्जरी शुरू की गई है। चिकित्सकों को आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों का अनुभव दिलाने के लिए विदेशों में एक्सपोजर विजिट पर भी भेजा जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील शुक्ला

