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सीटी स्कैन और एक्स-रे जांच में नहीं हो इंतजार, मुख्यमंत्री सुक्खू के स्वास्थ्य विभाग को निर्देश

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सीटी स्कैन और एक्स-रे जांच में नहीं हो इंतजार, मुख्यमंत्री सुक्खू के स्वास्थ्य विभाग को निर्देश


शिमला, 03 जुलाई (हि.स.)। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए हैं कि सीटी स्कैन, एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड जैसी जांच सेवाओं में मरीजों को इंतजार नहीं करना पड़े। उन्होंने कहा कि विभाग ऐसी व्यवस्था विकसित करे, जिससे इन जरूरी जांचों के लिए शून्य प्रतीक्षा अवधि सुनिश्चित की जा सके और मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं मिलें।

मुख्यमंत्री ने ये निर्देश शुक्रवार को इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय (आईजीएमसी), शिमला और चमियाना सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के निदान विभागों की समीक्षा बैठक के दौरान दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इन सेवाओं के लिए आवश्यक मानव संसाधन और आधुनिक जांच उपकरण उपलब्ध करवा रही है। अब विभाग को समन्वित प्रयास कर जांच सेवाओं में प्रतीक्षा समय समाप्त करने की दिशा में काम करना चाहिए।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से भी सुझाव मांगे। उन्होंने कहा कि निदान सेवाओं को और मजबूत बनाने तथा मरीजों के लिए शून्य प्रतीक्षा अवधि के लक्ष्य को हासिल करने में डॉक्टरों का सहयोग महत्वपूर्ण रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य लोगों को हिमाचल के भीतर ही बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसी उद्देश्य से चिकित्सकों, पैरामेडिकल कर्मचारियों और तकनीकी कर्मचारियों के रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जा रहा है। उनका कहना था कि इससे गंभीर और उन्नत इलाज के लिए मरीजों को दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा।

आईजीएमसी के चिकित्सकों की मांग पर मुख्यमंत्री ने संस्थान को जल्द 256-स्लाइस सीटी स्कैन मशीन उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में धन की कोई कमी नहीं है और सरकार सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए हरसंभव सहयोग देगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत कर रही है। उन्होंने बताया कि एम्स, नई दिल्ली के समकक्ष उच्चस्तरीय चिकित्सा उपकरण खरीदने के लिए 3,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ये आधुनिक मशीनें मेडिकल कॉलेजों के साथ जिला अस्पतालों, जोनल अस्पतालों और अन्य नागरिक अस्पतालों में भी स्थापित की जाएंगी, जिससे प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा और मजबूत होगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा