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मुख्यमंत्री सुक्खू ने रोहड़ू में 61 विकास परियोजनाओं के किये लोकार्पण-शिलान्यास

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मुख्यमंत्री सुक्खू ने रोहड़ू में 61 विकास परियोजनाओं के किये लोकार्पण-शिलान्यास


शिमला, 01 अक्टूबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने वीरवार को शिमला जिले के रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र के चिड़गांव में 182.87 करोड़ रुपये की 61 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास किए। इनमें पेयजल, सिंचाई, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े कार्य शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कुलगांव के बडियारा क्षेत्र के लिए 2.76 करोड़ रुपये, भंाफड के चिल्लाला व आसपास के गांवों के लिए 5.20 करोड़ रुपये और संधा-भोंडा क्षेत्र के लिए 3.40 करोड़ रुपये की पेयजल योजनाओं का लोकार्पण किया। उन्होंने शेखल में 4.75 करोड़ रुपये की उठाऊ सिंचाई योजना और जांगला पंचायत के कुलगांव क्षेत्र में 8.02 करोड़ रुपये की सिंचाई योजना भी शुरू की।

सड़क क्षेत्र में कुलगांव संपर्क सड़क 4.49 करोड़ रुपये, जलोह-गाड़ सड़क 7.66 करोड़, शील-सौंघी-मंडला सड़क 7.64 करोड़, चेणू-बलासन सड़क 10.01 करोड़, मेलठी संपर्क सड़क 7.22 करोड़ और टिक्करी संपर्क सड़क 3.30 करोड़ रुपये की लागत से पूरी हुई परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया। खशधार-जाखी, भमवाड़ी-मंघारा, झलवाड़ी-भमवाड़ी, धमवाड़ी-गोकस्वाड़ी, आंध्रा-बाग्गी, गोंसारी-गोकस्वाड़ी, कितरवाड़ी, जिशकून, जारकोट और नरसरी-डलगांव सहित कई अन्य सड़कों के कार्य भी शुरू किए गए।

मुख्यमंत्री ने सिविल अस्पताल रोहड़ू में 25 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 50 बिस्तरों के क्रिटिकल केयर ब्लॉक और जिला एकीकृत जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला की आधारशिला रखी। जाखा स्कूल में 3.54 करोड़ रुपये के विज्ञान ब्लॉक और डोडरा स्कूल में 4.93 करोड़ रुपये के भवन का निर्माण भी शुरू किया गया। भलूण वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में 3.96 करोड़ रुपये के कार्यों का लोकार्पण हुआ।

इसके अलावा कुठाड़ा क्षेत्र में कई संपर्क सड़कों, सड़क मरम्मत, पक्कीकरण, मेटलिंग-टारिंग और पुलिया निर्माण से जुड़े कार्यों की आधारशिला रखी गई। इनमें 8 लाख से 50 लाख रुपये तक की विभिन्न परियोजनाएं शामिल हैं। समोली सेक्शन में भूस्खलन से गिरी सामग्री हटाने और जेसीबी किराये के लिए 25 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।

सुक्खू ने कहा कि परियोजनाओं के पूरा होने से क्षेत्र में बुनियादी ढांचा और सार्वजनिक सेवाएं मजबूत होंगी। सड़क संपर्क बेहतर होने से वाहनों की आवाजाही आसान होगी और विभिन्न पेयजल योजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ, सुरक्षित और विश्वसनीय पेयजल उपलब्ध होगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा