मुख्यमंत्री सुक्खू ने वर्चुअल माध्यम से सुजानपुर और धर्मशाला को दी दो नई सौगातें
शिमला, 07 जुलाई (हि.स.)। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को प्रदेश सचिवालय से वर्चुअल माध्यम से दो नई सरकारी सुविधाओं का शुभारंभ किया। उन्होंने हमीरपुर जिले के सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र में 7.54 करोड़ रुपये की लागत से बने 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र पटलांदर (अंसला) का उद्घाटन किया। इसके साथ ही धर्मशाला में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष के नए कार्यालय का भी वर्चुअल शुभारंभ किया।
सुजानपुर में शुरू किए गए विद्युत उपकेंद्र के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना के तहत चबुतरा से अंसला तक करीब 7.2 किलोमीटर लंबी 33 केवी एचटीएससी लाइन बिछाई गई है। इससे उपकेंद्र को मजबूत और लगातार बिजली आपूर्ति मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से सुजानपुर क्षेत्र की 16 ग्राम पंचायतों पटलांदर, रंगर, चौरी, अंसला, भगोल, चमियाना, दुहाक, सौद, भटेरा, पनोह, धैल, जियार कसीरी, पीपल, टिक्करु, सपाहल और आसपास के क्षेत्रों के करीब 14 हजार लोगों को बेहतर और नियमित बिजली आपूर्ति का लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस उपकेंद्र से 11 केवी कोट चौरी, सुजानपुर, पटलांदर और पलाई फीडरों को बिजली आपूर्ति दी जाएगी। आपात स्थिति में बिजली आपूर्ति जारी रखने के लिए इस उपकेंद्र को 33 केवी टौणी देवी और 33 केवी सुजानपुर उपकेंद्र से भी जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि इससे भविष्य में बढ़ने वाली बिजली की मांग पूरी करने में मदद मिलेगी, लाइन की लंबाई कम होने से बिजली हानि घटेगी और लंबे समय से बनी कम वोल्टेज की समस्या का समाधान भी होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुजानपुर के विधायक रणजीत सिंह राणा लगातार इस परियोजना को पूरा करने की मांग उठाते रहे, जिसके बाद राज्य सरकार ने इसके लिए आवश्यक बजट उपलब्ध कराया। उन्होंने कहा कि वह स्वयं सुजानपुर जाकर इस परियोजना का उद्घाटन करना चाहते थे, लेकिन बरसात के कारण यह संभव नहीं हो सका।
उधर, मुख्यमंत्री ने सचिवालय से ही वर्चुअल माध्यम से धर्मशाला में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष के नए कार्यालय का भी शुभारंभ किया। यह कार्यालय कुछ समय पहले शिमला से धर्मशाला स्थानांतरित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांगड़ा और आसपास के जिलों में अन्य पिछड़ा वर्ग की बड़ी आबादी रहती है। कार्यालय धर्मशाला में शुरू होने से लोगों को अपने काम के लिए शिमला नहीं आना पड़ेगा। इससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी और आयोग की सेवाएं लोगों तक आसानी से पहुंच सकेंगी।
उन्होंने उपायुक्त कांगड़ा को धर्मशाला में हिमाचल प्रदेश रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (रेरा) का कार्यालय भी जल्द शुरू करने के लिए आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने कांगड़ा को प्रदेश की पर्यटन राजधानी घोषित किया है और इसी दिशा में कई सरकारी कार्यालय वहां स्थानांतरित किए जा रहे हैं। आने वाले समय में भी अन्य सरकारी कार्यालयों को कांगड़ा जिले में स्थानांतरित करने की योजना है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार शिमला जिले के डोडरा क्वार क्षेत्र को अन्य पिछड़ा वर्ग का दर्जा और कांगड़ा जिले के बड़ा भंगाल क्षेत्र को अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिलाने के लिए प्रयास कर रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

