आगामी विधानसभा चुनाव में कार्यकर्ताओं को टिकट देने पर होगा विचार : मुख्यमंत्री सुक्खू
शिमला, 09 मार्च (हि.स.)। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि आने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं को भी टिकट देने पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने राज्यसभा के लिए एक सामान्य कार्यकर्ता को मौका देकर साफ संकेत दिया है कि कांग्रेस में जमीनी स्तर से काम करने वालों को आगे बढ़ाया जाएगा।
यह बात मुख्यमंत्री ने सोमवार को शिमला स्थित कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में आयोजित सम्मान समारोह में कही। यह कार्यक्रम कांग्रेस नेता अनुराग शर्मा के राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। समारोह में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए गर्व का दिन है, क्योंकि संगठन से निकला एक कार्यकर्ता अब राज्यसभा सांसद बना है। उन्होंने बताया कि राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस हाईकमान ने प्रदेश से चार जिला अध्यक्षों के नाम मांगे थे और इनमें से वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने अनुराग शर्मा का चयन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यसभा चुनाव को लेकर भाजपा के नेताओं की ओर से कई तरह की बातें कही जा रही थीं, लेकिन कांग्रेस के भीतर किसी तरह की नाराजगी नहीं थी। इसी कारण अनुराग शर्मा निर्विरोध सांसद चुने गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब संसद में भाजपा के अनुराग के सामने कांग्रेस के अनुराग होंगे और वे मजबूती से अपनी बात रखेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार प्रदेश में लोगों से जुड़ी योजनाओं पर काम कर रही है और शिक्षा तथा स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई बड़े फैसले लिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रदेश में सीबीएसई पैटर्न पर 150 स्कूल खोलने का फैसला लिया गया है। इनमें से कई स्कूल पिछड़े इलाकों में भी शुरू किए जाएंगे ताकि वहां के बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके। इसके अलावा प्रदेश में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल भी स्थापित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले पांच से छह वर्षों में हिमाचल की शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव लाने का लक्ष्य रखा गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अस्पतालों में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी काम कर रही है। उन्होंने कहा कि एम्स दिल्ली की तर्ज पर आधुनिक तकनीक प्रदेश के स्वास्थ्य संस्थानों में एक साल के भीतर उपलब्ध कराई जाएगी। अस्पतालों में हाई-एंड मशीनें लगाई जा रही हैं ताकि मरीजों को इलाज के लिए बाहर न जाना पड़े।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के लगभग 90 प्रतिशत लोग गांवों में रहते हैं और सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर ध्यान दे रही है, ताकि लोगों की आय बढ़ सके। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली भाजपा सरकार ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति को नुकसान पहुंचाया। मुख्यमंत्री के मुताबिक पिछली सरकार को आरडीजी के रूप में 54 हजार करोड़ रुपये और जीएसटी कंपनसेशन के रूप में 16 हजार करोड़ रुपये मिले थे, जबकि मौजूदा सरकार को आरडीजी के रूप में केवल 17 हजार करोड़ रुपये ही मिले हैं।
इस अवसर पर नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद अनुराग शर्मा ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने एक ऐसे कार्यकर्ता को अवसर दिया है, जिसकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

